पंजाब सरकार ने VB-G RAM G (Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission) योजना को राज्य में लागू करने का फैसला लिया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होगी। इससे पहले पंजाब विधानसभा में इस योजना के विरोध में प्रस्ताव भी पारित किया गया था।
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। केंद्र सरकार ने इस योजना को ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है।
MGNREGA की जगह लाई गई नई योजना
केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह VB-G RAM G Act लागू किया है। यह विधेयक पिछले वर्ष दिसंबर में संसद से पारित हुआ था और बाद में राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी।
गौरतलब है कि वर्ष 2005 में यूपीए सरकार ने मनरेगा की शुरुआत की थी, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को हर साल 100 दिन रोजगार देने की व्यवस्था थी। नए कानून में रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
पंजाब समेत पांच राज्यों ने किया था विरोध
पंजाब सरकार ने इस कानून का पहले विरोध किया था। पंजाब के अलावा कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और झारखंड की सरकारों ने भी विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर मनरेगा को बहाल रखने की मांग की थी।
पंजाब सरकार का कहना था कि नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर गरीब ग्रामीण परिवारों, अनुसूचित जाति समुदाय और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ेगा, जो लंबे समय से मनरेगा पर निर्भर हैं।
केंद्र सरकार ने बताया बड़ा बदलाव
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि VB-G RAM G योजना ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में एक नए दौर की शुरुआत करेगी। उनके मुताबिक, इस योजना से जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क, पुल, पुलिया, स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण जैसे कार्यों को गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि योजना के सफल संचालन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 95,600 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है।
1 जुलाई से पूरे देश में लागू होगी योजना
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 1 जुलाई से योजना पूरे देश में लागू हो जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बदलाव के दौरान किसी भी मजदूर को रोजगार या मजदूरी मिलने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार पहले ही मनरेगा के तहत 30,000 करोड़ रुपये जारी कर चुकी थी। नए बजट के साथ ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए कुल आवंटन 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
