देहरादून। मानसून की चुनौतियों और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच उत्तराखंड की चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। 19 अप्रैल 2026 को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई यात्रा के 114 दिनों में सोमवार, 10 अगस्त तक 47 लाख 02 हजार 703 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 4 लाख 68 हजार 556 अधिक है।
वर्ष 2025 में इसी अवधि में 42 लाख 34 हजार 147 श्रद्धालुओं ने चारधाम दर्शन किए थे। इस वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच प्रदेश सरकार मानसून को देखते हुए यात्रा का संचालन सुरक्षा और मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप कर रही है।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम की सक्रियता और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर यात्रा को नियंत्रित या अस्थायी रूप से रोका जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री स्वयं राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से आपदा प्रबंधन और यात्रा व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। चारधाम और प्रमुख यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की सहायता के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है।
बद्रीनाथ में 16.12 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
चारों धामों में सबसे अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे हैं। 10 अगस्त तक यहां 16 लाख 12 हजार 112 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
केदारनाथ धाम में 14 लाख 50 हजार 116, गंगोत्री धाम में 7 लाख 37 हजार 629 और यमुनोत्री धाम में 6 लाख 62 हजार 347 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
इसके अतिरिक्त हेमकुंड साहिब में अब तक 2 लाख 40 हजार 499 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं।
सोमवार को भी 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मौसम खराब होने और प्रशासनिक अलर्ट के बावजूद सोमवार, 10 अगस्त को 15 हजार 376 श्रद्धालु चारधाम पहुंचे। इनमें सबसे अधिक 9,559 श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ, 4,170 ने केदारनाथ, 1,204 ने गंगोत्री और 443 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम में दर्शन किए।
बद्रीनाथ में पिछले साल से 3.50 लाख अधिक श्रद्धालु
बद्रीनाथ धाम की यात्रा 23 अप्रैल 2026 को शुरू हुई थी। 10 अगस्त तक 110 दिनों की अवधि में 16 लाख 12 हजार 112 श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की समान 110 दिनों की अवधि में बद्रीनाथ धाम में 12 लाख 61 हजार 280 श्रद्धालु पहुंचे थे। इस लिहाज से इस वर्ष अब तक 3 लाख 50 हजार 192 अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंच चुके हैं।
आपदा की स्थिति में तत्काल राहत-बचाव के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है और जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जाए। भूस्खलन अथवा अन्य आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति और प्रशासन की एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करने की अपील की है।
“चारधाम यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिलाधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू हो सके।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
