Turtles

कछुआ संरक्षण की दिशा में योगी सरकार ने बढ़ाए अभूतपूर्व कदम

175 0

लखनऊ: जीव-जंतु के प्रति अनुराग रखने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कछुआ संरक्षण (Turtle Conservation) की दिशा में भी अभूतपूर्व कदम बढ़ाए गए हैं। 23 मई को विश्व कछुआ दिवस है। कछुआ की जैव समृद्धता व उनके संरक्षण के लिए जनजागरूकता पैदा करने के लिए वर्ष 2000 से विश्व कछुआ दिवस का आयोजन किया जाता है। विभिन्न राज्यों से पकड़े गए कछुओं को उत्तर प्रदेश में लाकर संरक्षित किया जा रहा है। कुकरैल, सारनाथ व चंबल में कछुआ संरक्षण केंद्र तथा प्रयाग के पास कछुआ अभयारण्य केंद्र की स्थापना की गई है। भारत में कछुआ की 30 प्रजाति पाई जाती है, इसमें से 15 उत्तर प्रदेश में मिलती हैं। योगी सरकार का इनके संरक्षण व संवर्धन पर पूरा जोर है

कछुआ (Turtle) के संरक्षण को लेकर वन विभाग निरंतर उठा रहा कदम

कछुआ (Turtle) धरती पर पाया जाने वाला सबसे प्राचीन व लम्बी आयु का प्राणी है। यह जलीय पारितंत्र का महत्वपूर्ण घटक भी है। यह पानी के सफाई कर्मी के रूप में भी जाना जाता है। प्राचीन सभ्यताओं से लेकर प्रदेश के इतिहास में विभिन्न रूपों में इनका जिक्र है। कच्छप अवतार के रूम में तो कच्चा हमारी परंपरा में पूजनीय भी है। योगी सरकार के नेतृत्व में वन विभाग कछुओं के संरक्षण के लिये पूर्णतया प्रतिबद्ध है। जलीय स्रोत (नदी, तालाब, झील) आदि प्रदूषित हो रहे हैं। ऐसे में कछुए की कटहवा, मोरपंखी, साल, सुंदरी आदि प्रजातियां जल को प्रदूषण मुक्त रखने में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कछुआ (Turtle) के अवैध व्यापार को रोकने की दिशा में किए जा रहे प्रभावी प्रयास

उत्तर प्रदेश वन एवं वन्यजीव विभाग ने कछुओं के विलुप्त होने तथा इनके अवैध व्यापार को रोकने की दिशा में कई प्रयास किये हैं। विभिन्न राज्यों में पकड़े गये उत्तर भारत के कछुओं को वापस उत्तर प्रदेश में लाकर पुनर्वासित किया गया है। यह प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। प्रदेश में तीन केंद्रों (कुकरैल, सारनाथ तथा चंबल) के माध्यम से कछुआ संरक्षण की दिशा में अग्रसर हैं।

2020 में प्रयाग के समीप 30 किमी. के दायरे में स्थापित हुआ था कछुआ अभयारण्य

नमामि गंगे परियोजनाओं के अंतर्गत भी कछुआ (Turtle) एवं उनके प्राकृतिक वास की पहचान के साथ संरक्षित करने की दिशा में कार्य शुरू किया है। प्रयाग के समीप कछुआ अभयारण्य बनाया है। प्रयागराज के डीएफओ अरविंद यादव ने बताया कि 2020 में इसकी स्थापना हुई थी। 30 किमी. के दायरे में यह अभयारण्य है। यह तीन जिलों (प्रयागराज के कोठरी मेजा से होते हुए मीरजापुर, भदोही होते हुए उपरवार) तक फैला है।

भारत में 30 प्रजातियां पाई जाती हैं, इनमें से 15 उत्तर प्रदेश में

कछुए (Turtle) की 30 प्रजातियां भारत में पाई जाती हैं। इनमें से 15 प्रजातियां उत्तर प्रदेश में पाई जाती हैं। इनमें से ब्राह्मणी, पचेड़ा, कोरी पचेड़ा, कालीटोह, काला कछुआ, हल्दी बाथ कछुआ, साल कछुआ तिलकधारी, ढोर कछुआ, भूतकाथा कछुआ, पहाड़ी त्रिकुटकी कछुआ, सुंदरी कछुआ, मोरपंखी कछुआ, कटहवा लिथरहवा, स्योंटर फाइटर, पार्वती कछुआ आदि प्रमुख हैं।

प्रदेश सरकार के निर्देशन में वन-वन्यजीव विभाग कछुआ संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्यरत है। प्रदेश के तीन केंद्रों के माध्यम से कछुआ संरक्षण किया जा रहा है तो वहीं कछुआ के व्यापार पर भी अंकुश लगाया जा रहा है। अन्य राज्यों में भी पकड़े गए कछुओं को उत्तर प्रदेश में लाकर पुनर्वासित किया जाता है।
अनुराधा वेमुरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव), उत्तर प्रदेश

Related Post

Firefighting robots will extinguish fires in Maha Kumbh

महाकुम्भ में आग बुझाएंगे फायर फाइटिंग रोबोट, एडीजी ने परखीं तैयारियां

Posted by - November 25, 2024 0
प्रयागराज। प्रयागराज में होने जा रहे महाकुम्भ-2025 (Maha Kumbh) में अग्निशमन सेवाओं की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को…
Circle Rate

लखनऊ में जल्द सर्किल रेट में होगी बढ़ोतरी, प्रशासन ने प्रस्तावित नया सर्किल रेट जारी किया

Posted by - July 2, 2025 0
लखनऊ : यूपी की राजधानी लखनऊ  में अब जमीन, मकान, दुकान खरीदना और महंगा हो जाएगा। 10 वर्ष बाद प्रस्तावित…
PM Modi

पीएम मोदी ने श्रीकृष्णजन्मभूमि के किए दर्शन, सीएम योगी भी रहे मौजूद

Posted by - November 23, 2023 0
मथुरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने गुरुवार को श्रीकृष्णजन्मभूमि का भ्रमण किया और केशवदेव मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की…