लखनऊ। योगी सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही (Surya Pratap Shahi) ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की गलत नीतियों के कारण प्रदेश का किसान निराश, हताश और आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया था। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों को आर्थिक संकट से बाहर निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और ऐतिहासिक फैसलों के जरिए किसानों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया।
सीएम योगी ने पहली कैबिनेट में लिया कृषि ऋण माफ करने का ऐतिहासिक फैसला-
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही (Surya Pratap Shahi) ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पहली कैबिनेट बैठक में ही 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल आर्थिक सहायता का नहीं था, बल्कि किसानों को सम्मान और आत्मविश्वास लौटाने का माध्यम था।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान, समर्थन मूल्य पर खरीद और उर्वरकों की उपलब्धता जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया। प्राकृतिक आपदाओं के समय भी किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया, जिसके कारण किसान आर्थिक रूप से टूट चुके थे।
योगी सरकार ने किया गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान-
मंत्री सूर्य प्रताप शाही (Surya Pratap Shahi) ने कहा कि जब योगी सरकार सत्ता में आई, तब गन्ना किसानों का लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का बकाया भुगतान लंबित था। योगी सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर किसानों का भुगतान सुनिश्चित कराया। उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड 3 लाख 27 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कराया, जिसमें पूर्ववर्ती सरकार के समय का बकाया भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि पहले गन्ना किसानों को 3 से 4 वर्षों तक भुगतान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे। दलालों, बिचौलियों और भ्रष्टाचार के कारण किसान परेशान रहते थे लेकिन योगी सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था लागू कर किसानों को समय पर भुगतान दिलाने का काम किया।

