घर से ऑफिस जाते टाइम, दोस्त के घर जाते टाइम या फिर किसी रिश्तेदार के घर जाते टाइम, हम फोन का चार्जर साथ लेकर नहीं चलते कि टाइप सी ही तो चार्जर तो मिल ही जाएगा. फोन की बैटरी लो होने पर हमें चार्जर तो मिल जाता है, लेकिन किसी दूसरे चार्जर से फोन चार्ज करना सेफ है? यहां दूसरे चार्जर का मतलब है कि मान लीजिए आपका फोन 18 वॉट फास्ट चार्ज सपोर्ट करता है और आपको चार्जर मिला है वो 60 वॉट फास्ट चार्जिंग वाला है, तो सेफ्टी का क्या?
क्या ज्यादा वॉट वाले चार्जर से बैटरी लाइफ़ पर असर पड़ेगा?
क्रोमा की ऑफिशियल साइट पर जानकारी के मुताबिक, कम पावर (18W) वाले डिवाइस के लिए ज्यादा वॉट (60W) वाले चार्जर का इस्तेमाल करने से जुड़ी सबसे आम चिंता यही है, ये सवाल कई बार बहुत से लोगों के ज़ेहन में घूमता है. फोन के चार्जिंग प्रोसेस को मैनेज करने के लिए इन बिल्ट सुरक्षा सुविधाओं के साथ डिजाइन किया जाता है, अगर चार्जर की पावर रेटिंग आपको परेशान करती है, तो बता दें चार्जर की पावर रेटिंग का आपके फोन की बैटरी लाइफ़ से कोई लेना-देना नहीं है.
ऐसा इसलिए है क्योंकि चार्जर मोबाइल बैटरी के अंदर बिजली को धकेलते नहीं है. इसके बजाय, स्मार्टफोन चार्जर से करंट खींचता है और उसे जितनी पावर की जरूरत होती है, वह उतनी ही लेता है. इसका मतलब है कि आपका 18W वाला फोन अपनी सही रफ्तार से ही चार्ज होगा और चार्जर की ज्यादा वॉट क्षमता बैटरी की लाइफ को कम नहीं करेगी.
ज्यादा वॉट (60W) वाला चार्जर सुरक्षित होता है, लेकिन वोल्टेज का सही होना आपके फोन की सेहत के लिए जरूरी है. ज्यादातर स्मार्टफ़ोन स्टैंडर्ड वोल्टेज पर काम करते हैं, हमेशा ऐसा चार्जर इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है जो आपके स्मार्टफोन के लिए सही वोल्टेज देता हो.
