आखिर क्यों रोया कुशीनगर का पूरा गाँव, देखें वीडियो

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‘ गुरु ब्रह्मा , गुरु विष्णु , गुरु देवो महेश्वरा, गुरु साक्षात परब्रह्मा , तस्मै श्रीगुरवे नाम: ‘ आज के परिपेक्ष में देखें तो ये बस कहावत मात्र बन कर रह गयी है और गुरु शिष्य परंपरा जैसे अपना अर्थ खोती जा रही है। आज मनुष्य का स्वाभाव स्वार्थी हो गया है और नैतिक मूल्यों का भी ह्रास हो चला है और शिक्षा महज़ व्यवसाय बन कर रह गई है । न तो अब शिक्षक अच्छे गुरु बन पाते है और ना ही छात्र अच्छे शिष्य ।

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मगर इन सबके बीच अभी भी कुछ ऐसे शिक्षक हैं जो की गुरु का धर्म पूरी ईमानदारी से निभाते हैं और शिष्यों के मन में गुरु का स्थान बना पाने में सफल भी हो जाते हैं। शिष्य ही नहीं वो उनके अभिभावकों के मन भी ख़ास जगह बना लेते हैं। ऐसे गुरुओं का जब तबदला होता है तो सिर्फ छात्र ही नहीं बल्कि पूरा इलाका ही रो पड़ता है। ऐसा ही कुछ नज़ारा कुशीनगर जिले में भी देखने को मिला जहां एक शिक्षक के तबादले पर पूरा गांव रोया।

कुशीनगर जनपद के दुदही विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम सभा पाण्डेपट्टी में संचालित प्राथमिक विद्यालय क्षेत्र दुदही,के प्रधानाध्यापक मान्धाता सिंह यादव का विदाई समारोह हुआ। उस विदाई समारोह में एकदम अलग माहौल देखेने को मिला, क्यों की पाण्डेपट्टी के प्रधानाध्यापक मान्धाता सिंह की विदाई में छात्र ही नहीं बल्कि सभी ग्रामीण और सहयोगी अध्यापक भी फूट फूट कर रो पड़े ।

 

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