water department

वाराणसी में अब पानी का वितरण ही नहीं, बिजली का उत्पादन भी करेगा जलकल विभाग

420 0

वाराणसी। जलकल विभाग (Water Department) जल वितरण के साथ ही अब बिजली का भी उत्पादन करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन 24 मार्च को करने जा रहे हैं। दो मेगावाट प्रतिदिन बिजली उत्पादन करके जलकल विभाग का बिजली का बिल 30 प्रतिशत कम हो जायेगा।

इस परियोजना की लागत 17.24 करोड़ रुपए है। इसके अलावा प्रधानमंत्री काशी की पौराणिक मान्यता वाली 3 अंतर्गृही यात्रा के पथ के पुनर्विकास का लोकार्पण भी करेंगे। नवरात्रि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन सुविधाओं से जुडी 1,779.66 करोड़ की 28 विकास की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

उत्तर प्रदेश में विकास की धारा बहाने के साथ योगी सरकार सभी सरकारी विभागों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। वाराणसी के जलकल विभाग में सौर ऊर्जा को लेकर अभूतपूर्व काम हुआ है, जिससे जलकल विभाग (Water Department) सिर्फ बिजली ही नहीं बचाएगा, बल्कि बिजली को बेचेगा भी। जल निगम के अधिशासी अभियंता शहरोज़ दोस्त ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत17.24 करोड़ रुपए हैं।

इसमें 14,400 स्क्वायर मीटर में करीब 3700 से अधिक सोलर पैनल लगाए गए हैं। इसमें 40 सोलर ट्री हैं। एक सोलर ट्री पर 10 सोलर पैनल लगे होंगे। यहां सौर ऊर्जा से कुल 2 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। सोलर पैनल से प्रतिदिन औसतन 9000 यूनिट बिजली पैदा होगी, जिसकी कीमत लगभग 72,000 होगा, जो ग्रिड में जाने के बाद विभाग के नियमानुसार बिल का एडजस्टमेंट करेगा। उन्होंने बताया कि सोलर ऊर्जा पर किया जा रहा खर्च, 6 से 7 सालों में निकल आएगा।

पीएम धार्मिक यात्रा पथ के पुनर्विकास का करेंगे उद्घाटन

काशी में दर्शन के साथ ही धार्मिक यात्राओं की पौराणिक मान्यता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे ही 3 अंतर्गृही यात्रा पथ के पुनर्विकास का उद्घाटन 24 मार्च को अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे में करेंगे। पूर्व की सरकारों के ध्यान न देने से समय के साथ गुम और बदहाल होते काशी के पौराणिक महत्व के मंदिरों को योगी आदित्यनाथ की सरकार पुनर्जीवित कर रही है। भगवान शंकर के त्रिशूल के आकार के अनुरूप काशी तीन खंडों में बसी है। जिसे विशेश्वर खंड, केदारेश्वर खंड और ओंकारेश्वर खंड के नाम से जाना जाता है।

तीनों खंडों में पौराणिक महत्व वाले करीब 301 मंदिर मौज़ूद हैं। सनातन धर्म को मानने वाले इन तीनों खंडों की अंतरगृही परिक्रमा करते हैं। ऐसी मान्यता है की इस यात्रा से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार तीनों अंतरगृही यात्राओं में पड़ने वाले देवस्थलों व मंदिर परिसर का 3.08 करोड़ में जीर्णोद्धार करा दिया है। इन मार्गों में मौजूद मंदिरों पर लिखे गए नाम के साथ ही क्यूआर कोड भी है, जिससे मंदिर की संपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

Related Post

Keshav Maurya

ओडीओपी योजना पूरे देश के लिए एक मॉडल बन चुकी: उपमुख्यमंत्री

Posted by - February 7, 2026 0
लखनऊ/कुशीनगर:  उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने तमकुहीराज में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कहा कि उत्तर…

कश्मीरी हिंदू-सिख समुदाय के प्रतिनिधियों को शामिल न करने पर भड़के BJP सांसद- PM ने ठीक न किया

Posted by - June 25, 2021 0
केंद्र सरकार की अकसर आलोचना करने वाले भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी एक बार फिर पीएम मोदी से नाराज हो गए…
KKR Taeam win

KKR की जीत में नायक बने ये खिलाड़ी, कप्तान मोर्गन ने भी की तारीफ

Posted by - April 12, 2021 0
चेन्नई। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान इयोन मोर्गन (Eion Morgan) ने यहां इंडियन प्रीमियर लीग मैच सनराइजर्स हैदराबाद को…
Jamboree

सिर्फ आयोजन नहीं, ‘जम्बूरी’ बनेगा युवाओं के जीवन में बदलाव की प्रक्रिया

Posted by - September 26, 2025 0
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नवंबर 2025 में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी (Jamboree) केवल एक शिविर…