Brajesh Pathak

युवाओं में देश भक्ति की भावना जगा रही विद्या भारती: बृजेश पाठक

481 0

लखनऊ। हमारा देश जब 15 अगस्त, 2047 को आजादी के 100 वर्ष पूरे कर रहा होगा, तब भारत दुनिया के शिखर पर होगा। अमृतकाल का यह समय सोते हुए सपने देखने का नहीं, बल्कि जागृत होकर अपने संकल्प को पूरा करने का है। आने वाले 25 वर्ष परिश्रम की पराकाष्ठा, त्याग और तपस्या के हैं। हमें हर नामुमकिन को अपने संकल्प से सिद्धि तक ले जाना है। उक्त उद्गार विशिष्ट अतिथि प्रदेश के मुख्य सचिव  दुर्गाशंकर मिश्रा (Durgashankar Mishra) ने आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित राष्ट्रहित सर्वोपरि के समापन कार्यक्रम में व्यक्त किए। यह कार्यक्रम सरस्वती कुंज, निराला नगर के प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केन्द्र में विद्या भारती, एकल अभियान, इतिहास संकलन समिति, पूर्व सैनिक सेवा परिषद, आरोग्य भारती एवं विश्व संवाद केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में बीते एक वर्ष से चल रहा था।

मुख्य अतिथि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  बृजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस बार स्वतंत्रता दिवस पर जिस प्रकार का भव्य उत्सव देखने को मिला, पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। देश के कोने-कोने में हर घर पर लोगों ने तिरंगा लगाया और सभी स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में डूबे नजर आए। लोगों में ऐसी देशभक्ति की भावना को जगाने में विद्या भारती जैसे संगठनों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के लोगों ने अपने वन को युवा पीढ़ी को ऐसी शिक्षा दीक्षा देने में समर्पित किया है, जिससे भारत की भावी पीढ़ी के लिए राष्ट्रहित ही सर्वोपरि हो। साथ ही युवा पीढ़ी अपने देश के नायकों के बलिदान को लेकर गर्व महसूस करे और भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने में अपना योगदान दे।

कार्यक्रम अध्यक्ष प्रदेश के जलशक्ति मंत्री  स्वतंत्रदेव सिंह  (Swatantra Dev) ने कहा कि संघ से निकले स्वयंसेवक के मन में देश हित और समाज हित की भावना रहती है। वह सदैव देश और समाज की सेवा के लिए तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि आज का दिन उन क्रांतिकारियों और सेना के वीर जवानों को याद करने का है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इन अमर शहीदों का कर्ज तो चुकाया नहीं जा सकता और न ही किसी चीज से तुलना की जा सकती है, लेकिन उनके सम्मान में राष्ट्रभक्ति के प्रयासों से समाज में जागरुकता अवश्य लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत पर कई विदेशी आक्रांताओं ने हमले किए, चाहें फिर वह मुगल हो या अंग्रेज़। लेकिन सम्पन्न संस्कृति वाले इस देश में समय-समय पर कोई न कोई महापुरुष जन्म लेकर भारत की रक्षा का दायित्व लेता रहा है। साथ ही वह भारत की रक्षा के लिए शहीद होते रहे हैं। उनका बलिदान हमें देश की रक्षा का संदेश और दायित्व भी सौंपता है। जिसका हमें निर्वाह करते हुए अपने देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि प्रदेश के मुख्य सचिव  दुर्गा शंकर मिश्रा (Durgashankar Mishra) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की प्रेरणा से जो अमृत महोत्सव कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी, उसकी सफलता 15 अगस्त को दिखाई दी। स्वतंत्रता दिवस पर देश के प्रत्येक घर एवं प्रतिष्ठानों पर ध्वज फहरता दिखाई दिया। लोगों के अंदर देश के प्रति प्यार और समर्पण देखकर ऐसा लगा, जैसे सभी एक ही माला में पिरो दिए गए हों। उन्होंने कहा कि दुनिया ने देखा कि हम अपने देश के लिए कुछ भी कर सकते हैं।  उन्होंने कहा कि हर भारतवासी देश के कायाकल्प के लिए अपने कर्तव्यभाव रूपी अमृतभाव के साथ उमड़ पड़ा है। इतिहास साक्षी है कि किसी राष्ट्र का गौरव तभी जाग्रत रहता है, जब वो अपने स्वाभिमान और बलिदान की परम्पराओं को अगली पीढ़ी को भी सिखाता है, उन्हें संस्कारित करता है। उन्होंने विद्या भारती के स्कूलों में दी जाने वाली संस्कारयुक्त शिक्षा की तारीफ की।

Durgashankar Mishra

विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री  हेमचन्द्र  ने विद्या भारती द्वारा आयोजित किए जा रहे अमृत महोत्सव कार्यक्रम के बारे में पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को मनाने का उद्देश्य युवाओं के अंदर देश- प्रेम की भावना को उत्पन्न करना, देश के लिए बलिदान हुए उन रणबांकुरों को याद करना,  इसके अलावां जो बलिदानी गुमनाम अवस्था में हैं, उनके बारे में लोगों को जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि हम जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, हमारे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।

Amul ने खास अंदाज में दी राकेश झुनझुनवाला को श्रद्धांजलि

विशिष्ट अतिथि इतिहास संकलन समिति के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री  संजय हर्ष  ने कहा कि भारत का यह दुर्भाग्य है कि इस देश का इतिहास उन लोगों ने लिखना प्रारम्भ किया, जो कभी भारत आए ही नहीं और न ही वो भारत की भाषा को जानते थे। उन विदेशी इतिहासकारों ने यहां के गौरवपूर्ण इतिहास को धूमिल और अपमानित करने का प्रयास किया गया। ऐसे में भारत के गौरवपूर्ण इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने इस अमृत काल का आह्वान किया है, जिसका पूरे भारत वर्ष को हिस्सा बनना पड़ेगा, तभी हम आज़ादी के इस अमृत काल को  पाएंगे।

इस अवसर पर विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार विभाग द्वारा प्रकाशित पत्रिका सृष्टि संवाद भारती के अमृत महोत्सव विशेषांक का विमोचन भी किया गया। भारतीय शिक्षा परिषद के सचिव  दिनेश  ने अतिथियों का परिचय कराया। इससे पहले सेना के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख  सौरभ मिश्रा  ने किया। इस अवसर पर विद्या भारती के अखिल भारतीय मंत्री  शिव कुमार , भाजपा विधायक   माधवेन्द्र प्रताप सिंह,  संजय शेरपुरिया , ले. जनरल दुष्यन्त सिंह,  प्रो. डॉ. एम.एल.बी. भट्ट, प्रो. अजय मिश्र,  चन्द्र प्रकाश ,   हरेन्द्र वास्तव ,  रामकृष्ण चतुर्वेदी,  कमलेश  ,  शैलेश मिश्र ,   राम तीरथ वर्मा ,   उमाशंकर मिश्र ,  रजनीश पाठक ,  राजेन्द्र बाबू , सह प्रचार प्रमुख  भास्कर दूबे  समेत विद्या भारती के विद्यालयों के भैया-बहन मौजूद रहे।

Related Post

Sultanpur Crime News

प्रधानी के चुनाव में वर्चस्व कायम करने की जंग में गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा गांव, सात घायल

Posted by - April 21, 2021 0
सुल्तानपुर। लंबे समय से वर्चस्व कायम करने को लेकर चली आ रही रंजिश को लेकर बुधवार को सुल्तानपुर जिले के…
Baba Vishwanath

महाशिवरात्रि पर 11.69 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन

Posted by - February 27, 2025 0
वाराणसी : महाशिवरात्रि पर 11.69 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) के चरणों में हाजिरी लगाई। मुख्यमंत्री…
UP Economy

यूपी की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी ढाई गुना से ऊपर पहुंची

Posted by - February 14, 2026 0
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था (Economy) के पीछे महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।…
cm yogi

राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो वह अपनी एकात्मता व पहचान को खो देता हैः मुख्यमंत्री

Posted by - December 4, 2025 0
गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 के शुभारंभ अवसर पर स्वदेश,…