Bhupesh Baghel
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही तीव्र राजनीतिक खींचतान और गुटबाजी के बीच पार्टी हाईकमान ने मौजूदा नेतृत्व को लेकर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghelने चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PPCC) पहुंचकर साफ कर दिया है कि पंजाब में फिलहाल कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के प्रधान (अध्यक्ष) बने रहेंगे। प्रभारी के इस कड़े और स्पष्ट रुख के बाद प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष बदलने की मांग कर रहे विरोधी धड़े को बड़ा झटका लगा है।
पंजाब के नाराज धड़े को कड़ा संदेश देते हुए प्रभारी भूपेश बघेल ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में दोटूक कहा कि “अध्यक्ष बदलना कोई गुड्डे-गुड्डी का खेल नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हाईकमान अपने इस फैसले को किसी भी दबाव में नहीं बदलेगा और राजा वड़िंग के नाम पर सभी जिला अध्यक्षों ने अपनी पूर्ण सहमति जताई है। बघेल ने यह भी घोषणा की कि कांग्रेस आगामी 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव राजा वड़िंग की प्रधानगी और नेतृत्व में ही लड़ेगी। आंतरिक कलह को शांत करने के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी वरिष्ठ सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से फोन पर बात हुई है और वे जल्द ही इन नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर मामले को सुलझा लेंगे।
दूसरी तरफ, पंजाब कांग्रेस के भीतर की दरार उस समय खुलकर सामने आ गई जब पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक विधायक, पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक मौजूदा अध्यक्ष राजा वड़िंग को हटाने की जिद पर अड़ गए। इस विवाद को सुलझाने के लिए जब प्रभारी भूपेश बघेल ने बैठकों का दौर शुरू किया, तो चन्नी और उनके खेमे ने मंगलवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक से पूरी तरह दूरी बना ली। चन्नी समर्थकों का तर्क है कि वे पंजाब के प्रभारी से मिलने से पहले पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व यानी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं। मोरिंडा में हुई एक गोपनीय बैठक में सभी नाराज नेताओं ने चन्नी को हाईकमान से बात करने के लिए अधिकृत किया था। चन्नी खेमे का दावा है कि राज्य के अधिकतर बड़े नेता राजा वड़िंग की कार्यशैली और उनके नेतृत्व को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।
पंजाब में पार्टी के भीतर संभावित टूट और बड़े संकट को भांपते हुए कांग्रेस आलाकमान पूरी तरह सतर्क हो गया है। मंगलवार शाम को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की विशेष टीमों ने पूर्व सीएम चन्नी से संपर्क साधा और प्रियंका गांधी की ओर से भेजी गई टीम उनसे मुलाकात भी कर चुकी है। माना जा रहा है कि चन्नी की जल्द ही दिल्ली में राहुल गांधी से सीधी मुलाकात हो सकती है। हालांकि, दिल्ली से आए दूतों के हस्तक्षेप के बाद से चन्नी और उनके समर्थक फिलहाल शांत हैं, लेकिन पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल द्वारा राजा वड़िंग के नाम पर अंतिम मुहर लगाने के बाद अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि नाराज चरणजीत सिंह चन्नी और उनका खेमा पार्टी के भीतर अगला क्या कदम उठाता है।
