पुरुष प्रधान देश में महिलाओं की सबसे जटिल जिंदगी

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लखनऊ डेस्क। हमारे समाज में महिला अपने जन्म से लेकर मृत्यु तक एक अहम किरदार निभाती है। महिला की जिंदगी पुरुष की जिंदगी के मुक़ाबले काफी जटिल हो गयी है। महिला को अपनी जिंदगी का ख्याल तो रखना ही पड़ता है साथ में पूरे परिवार का ध्यान भी रखना पड़ता है। पुरुष प्रधान समाज में महिला की योग्यता को आदमी से कम देखा जाता है।

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आपको बता दें हम सब की ज़िंदगी में महिलाओं का बहुत अहम किरदार है। उनके बिना हम अपने अस्तित्व कल्पना भी नहीं कर सकते। जीवन की निरंतरता को बनाये रखने के लिए महिलाओं का होना बेहद जरुरी है। पहले उन्हें सिर्फ इसी लायक समझ जाता था की वे घर का काम करे, झाड़ू-पोछा लगाए, खाने पीने का ध्यान रखे पर अब ऐसा नहीं है। भारत में बहुत पुराने समय से ही महिलाओं के लिए समाज में एक लक्ष्मण रेखा बना दी गयी है। जिसे लांघना उनके लिए लगभग नामुमकिन है। कई सालों से इन परम्पराओं में कोई बदलाव नहीं आया है।

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जानकारी के मुताबिक 21वीं सदी के समाज की बात की जाये तो आज भी महिलाओं को वे अधिकार नहीं मिले है जिनकी वे हक़दार है। आज भी उनसे कई जगह घटिया व्यव्हार किया जाता है, यह हमे सोचने पर विवश करता है की इतने सामाजिक जागरूकता फ़ैलाने वाले कार्यक्रम चलने के बावजूद क्यों हर जगह सिर्फ महिला को परेशान होना पड़ता है, क्यों उन्हें मानसिक पीड़ा सहनी पड़ती है, क्यों नहीं उन्हें सारी बाधाओं से मुक्त कर दिया जाता। पहले समय में महिलाएं घर पर रहकर काम करने को मजबूर थी।

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