PUBG GAME
नई दिल्ली। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार PUBG वीडियो गेम पर पाबंदी लगाने पर विचार कर रही है। इस बात की जानकारी केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साइबर में ई सिक्योरिटी निदेशक व वरिष्ठ वैज्ञानिक वी के त्रिवेदी ने याची को पत्र लिख कर दी है।
कोर्ट केंद्र को PUBG mobile GAME पर रोक लगाने का आदेश दे
याची को लिखे पत्र में बताया गया है कि PUBG GAME पर रोक लगाने का विषय विचारणीय है। इस मामले में हाईकोर्ट के वकील एचसी अरोड़ा ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कोर्ट से मांग की थी कि कोर्ट केंद्र को PUBG mobile GAME पर रोक लगाने का आदेश दे। अरोड़ा ने हाईकोर्ट को बताया था कि यह गेम ऐसा है जो बच्चों को आदी बना देता है।
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याचिका के अनुसार बच्चे कई-कई घंटे इसको खेलते रहते हैं। इसी वजह से उनका शारीरिक और मानसिक विकास धीमा हो जाता है। बच्चे दिन में चार से पांच घंटे तक इस गेम को खेलते हुए बिताते हैं, जिस कारण वे सामाजिक रूप से कम ही एक्टिव रह पाते हैं।
इसके साथ ही याची ने कहा कि इस गेम में हथियारों से लैस खिलाड़ी होते हैं जो हिंसक रूप से एक दूसरे पर हमला करते हैं। इस वजह से बच्चों के बीच हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ती है। बच्चे इस गेम के पात्रों को खुद में महसूस करने लगते हैं । इसी वजह से इमोशनल रूप से उससे जुड़ जाते हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब गेम के दौरान पात्र की मौत हो जाने पर उससे लगे आघात से बच्चों की मौत हो गई है।
ऐसे में इस गेम की तुलना ब्लू व्हेल गेम से करते हुए अपील की गई थी कि ब्लू व्हेल गेम की तरह इस गेम पर भी पूरी तरह से पाबंदी लगाई जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए केंद्र सरकार को याची द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर विचार कर करने का आदेश दिया था।