herbal gulal

ब्रज के रंगोत्सव पर उड़ेगा कैदियों का बनाया हर्बल गुलाल

352 0

मथुरा। विश्व प्रसिद्ध ब्रज के रंगोत्सव पर इस बार कैदियों द्वारा तैयार हर्बल गुलाल (Herbal Gulal) उड़ेगा। मथुरा के जिला कारागार में बंद छह कैदियों द्वारा होली के लिए हर्बल गुलाल तैयार किया गया है, जो ईको फ्रेंडली के साथ-साथ आपकी त्वचा के लिए भी अनुकूल है।

योगी सरकार (Yogi Government) की इस पहल से जेल में निरुद्ध कैदी आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशभर के कारागारों में कौशल विकास मिशन के माध्यम से कैदियों को स्वावलंबी बनाया जा रहा है। मथुरा की जिला कारागार में भी जेल प्रशासन कौशल विकास मिशन के तहत कैदियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिलाकर आत्मनिर्भर बनाने में जुटा हुआ है।

ब्रज की होली को और खास बनाने के लिए मथुरा जेल में बंद छह कैदी खास गुलाल तैयार करने में जुटे हैं। यहां अरारोट में सब्जियों को मिलाकर हर्बल गुलाल बनाया जा रहा है। हर्बल गुलाल (Herbal Gulal)  बनाने के लिए अरारोट में पालक को पीसकर उसमें से हरा रंग निकाल कर इसे तैयार किया जा रहा है। इसी तरह मेथी को पीसकर हल्का हरा रंग, चुकंदर को पीसकर लाल रंग, हल्दी पाउडर का प्रयोग कर पीला गुलाल तैयार किया जा रहा है। इसमें खुशबू बनी रहे इसके लिए इत्र मिलाया जा रहा है।

मथुरा जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि होली का त्योहार आते ही हर साल जेल में कई कुंतल गुलाल तैयार किया जाता है। जेल में बंद कैदी सोनू, सनी, रिंकू, अशरफ, विजय, हरेंद्र सिंह कई दिनों से हर्बल गुलाल तैयार करने में लगे हुए हैं। ब्रज में होली 40 दिनों तक खेली जाती है। यहां होली की शुरुआत बसंत पंचमी से हो जाती है। बसंत पंचमी से रंग गुलाल उड़ना शुरू होता है। 27 फरवरी को लड्डू मार और 28 फरवरी को बरसाने में लट्ठ मार होली मनाई जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक, होली पर ब्रज में हर साल हजारों कुंतल गुलाल उड़ाया जाता है।

आत्मनिर्भर हो रहे बंदी

जिला जेल में बन रहा गुलाल आम लोगों तक पहुंचाने के लिए भी जेल प्रशासन ने इंतजाम किए हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में कैदियों के बनाए जा रहे गुलाल पर करीब 180 रुपये प्रति किलो की लागत आ रही है। इस गुलाल को 200 रुपये किलो के हिसाब से बिक्री किया जाएगा। गुलाल के 100-100 ग्राम के पैकेट जेल के मुख्य द्वार पर बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। इससे कारागार में बंद कैदियों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, जिससे वे जब भी जेल से रिहा हों, तो समाज के बीच रहकर अच्छा व्यवहार कर सकें। साथ ही अपने और अपने परिवार का पालन-पोषण अच्छे से कर सकें।

क्रिएटिविटी दिखा रहे बंदी

ऐसा पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदी इस तरह की क्रिएटिविटी दिखा रहे हैं। ये कैदी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान की पोशाक बनाते हैं तो रक्षा बंधन पर इको फ्रेंडली राखी बनाते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे कौशल विकास मिशन कार्यक्रम के तहत कैदियों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। बता दें कि वर्तमान में मथुरा जिला कारागार में करीब 1700 कैदी बंद हैं।

Related Post

धामी कैबिनेट ने दी मंजूरी, 10वीं, 12वीं और डिग्री कॉलेजों के छात्रों को फ्री मिलेगा टैबलेट

Posted by - October 13, 2021 0
देहरादून। उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने मंगलवार को सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं और डिग्री कॉलेजों के छात्र-छात्राओं…
CM Yogi gifts 124 development projects to Balrampur

जिसे जहन्नुम जाना है, वह गजवा ए हिंद के नाम पर अराजकता पैदा करने का प्रयास करे: मुख्यमंत्री

Posted by - September 28, 2025 0
बलरामपुर/लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) रविवार को बलरामपुर में अपने रौ में रहे। उन्होंने एक तरफ विकास की बातें…
CM Yogi

सीएम योगी ने पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के दिए निर्देश

Posted by - October 18, 2023 0
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर जनपद गोरखपुर में प्रस्तावित पशु चिकित्सा विज्ञान…