जींद। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी (CM Nayab Saini) ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने हरियाणा में विकास की परिभाषा को बदला है। हरियाणा को आज जहां 15000 करोड़ की नौ परियोजनाओं की सौगात मिली है वहीं इससे 71 हजार करोड़ की परियोजनाएं दी हैं। केंद्र से 12 वर्षों में सात लाख करोड़ से अधिक की विकास राशि दी है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी शुक्रवार को जींद में रेलवे जंक्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन करने के बाद हुडा ग्राऊंड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि एक समय था जब दुनिया से भारत तकनीक मांगता था लेकिन आज विश्व भारत की तकनीक अपनाना चाहता है। पहले भारत अवसर खोजता था और आज विश्व भारत में अवसर खोज रहा है। पहले दुनिया पूछती थी कि क्या भारत कर पाएगा, आज दुनिया कहती है कि भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। भारत हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर पूरी दुनिया के लिए नए मानक तय करता है।

प्रधानमंत्री ने देश की दिशा व दशा को बदलने का काम किया है। केवल विकास की इमारतें नही खड़ी की बल्कि आने वाली पीढिय़ों का भविष्य गढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की तस्वीर बदल चुकी है। आज देश के किसी भी कोने में चले जाओ वहां आधारभूत परियोजना या संरचना पर काम होता दिखाई देता है। चाहे एक्प्रेसवे हो, कॉरिडोर हो, पुल हो, बंदरगाह का विकास हो, देश का हर हिस्सा विकास का साक्षी बन रहा है। आज भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
यह सब प्रधानमंत्री के नेतृत्व और विकास नीतियों का परिणाम है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा भले ही आपकी जन्मभूमि न हो, बल्कि आपकी कर्मभूमि रही है। हरियाणा की जनता आपसे आत्मीयता का रिश्ता रखती है। जब भी प्रधानमंत्री हरियाणा में आते हैं तो यह केवल एक दौरा नही बल्कि परिवार के मुखिया का घर आना होता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को 140 करोड़ भारत वासियों का सारथी तथा देश वासियों के सपनों का संरक्षक करार देते हुए कहा कि विकास की इमारतें नहीं खड़ी हैं बल्कि आने वाली पीढिय़ों का भविष्य गढ़ा है। यह सपने देखने वाला भारत नहीं है बल्कि संकल्प से सिद्धी हासिल करने वाला है।
नायब सैनी ने प्रधानमंत्री के भाजपा में हरियाणा प्रभारी रहते हुए दिनों का याद करके कहा कि आपने यहां की मिट्टी को अपने खून-पसीने से सींचा है। यह आपकी कर्मभूमि रही है। यहां की जनता आपके साथ आत्मीयता का रिश्ता रखती है।
