Bank Strike in India

राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का पहला दिन, 10 लाख कर्मचारियों का समर्थन

1217 0
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में कर्मचारी संगठनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल (Nationwide Bank Strike) का आज पहला दिन है। इसके चलते सोमवार और मंगलवार को देश भर में बैकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यूएफबीयू ने कहा है कि हड़ताल को लगभग 10 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों का समर्थन हासिल है।

 राष्ट्रव्यापी हड़ताल (Nationwide Bank Strike) का आज पहला दिन है। हड़ताल के कारण जमा और निकासी, चेक क्लीयरेंस और ऋण स्वीकृति जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। नौ यूनियनों के सम्मिलित संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन (यूएफबीयू) ने एक बयान में दावा किया है कि बैंकों के लगभग 10 लाख कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में भाग लेंगे। यूएफबीयू नौ बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सहित कई सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को सूचित किया है कि यदि हड़ताल होती है, तो उनका सामान्य कामकाज शाखाओं और कार्यालयों में प्रभावित हो सकता है। बैंकों ने यह भी बताया कि वे बैंक शाखाओं और कार्यालयों के सुचारू संचालन के लिये आवश्यक कदम उठा रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले महीने पेश किए गये केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार के विनिवेश कार्यक्रम के तहत अगले वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा की थी।

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि 4, 9 और 10 मार्च को अतिरिक्त मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठकें बेनतीजा रही अत: हड़ताल होगी।

यूएफबीयू के सदस्यों में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक इम्प्लॉइज (एनसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) और बैंक इम्प्लॉइज कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईसीआई) आदि शामिल हैं।

इंडियन नेशल बैंक एम्पलाईज फेडरेशन (आईएनबीईएफ) , इंडियन नेशनल बैंक आफीसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी) , नेशनल आर्गनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) और नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक आफिसर्स (एनओबीओ) भी हड़ताल में शामिल हैं।

14 बैंकों का विलय कर चुकी है सरकार

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने पेश आम बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव रखा था। सरकार ने अगले वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिये बड़ी राशि जुटाने का प्रस्ताव किया है।  सरकार इससे पहले आडीबीआई बैंक में अपनी अधिकांश की हिस्सेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम को बेच चुकी है। पिछले चार साल में सार्वजनिक क्षेत्र के 14 बैंकों का विलय किया जा चुका है।

Related Post

CM Vishnu Dev Sai

मुख्यमंत्री साय मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव में हुए शामिल

Posted by - November 12, 2024 0
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Sai) आज मंगलवार काे सक्ती जिले के चंद्रपुर में महानदी के दरहाघाट तट पर…
निर्भया केस

निर्भया केस के गुनाहगार पवन का एक और पैंतरा नाकाम, क्यूरेटिव याचिका ख़ारिज

Posted by - March 19, 2020 0
नई दिल्ली। निर्भया केस में दुष्कर्म व हत्या मामले के गुनाहगार पवन का एक और पैंतरा गुरुवार को उस वक्त…
रेलवे railway

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस : महिलाओं के जिम्मे होगी पूर्वोत्तर रेलवे की यह ट्रेन

Posted by - March 5, 2020 0
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने की पूर्वोत्तर रेलवे ने विशेष पहल की है। आठ मार्च को महिलाएं ही एक…
NIKITA TOMAR

निकिता मर्डर केस में मुख्य आरोपी तौसीफ और रेहान दोषी करार, शुक्रवार को आएगा फैसला

Posted by - March 24, 2021 0
फरीदाबाद । निकिता तोमर हत्याकांड (Nikita Murder Case)  में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तौसीफ और रेहान को दोषी करार दिया…