containment zone

यूपी में 77 हजार से ज्यादा कंटेनमेंट जोन, प्रवासियों को किया जा रहा क्वारंटीन

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लखनऊ । कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों ने सभी को परेशान कर रखा है। इस पर कंट्रोल करने को लेकर सरकार हर कोशिश कर रही है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में 77,989 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इन कंटेनमेंट जोन में संक्रमण रोकने के लिए सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है। संक्रमितों को एक हफ्ते की दवाइयां भी दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के निर्देश पर प्रदेश में 77 हजार से ज्यादा कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इसके साथ ही प्रवासियों के लिए 349 क्वारंटाइन सेंटर (77 thousand containment zone quarantine) बनाए गए हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रवासियों की जांच कर उनके पॉजिटिव आने पर उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है।

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि इन कंटेनमेंट जोन में 7,16,775 मकान शामिल हैं। लगभग 36 लाख जनसंख्या इस कंटेनमेंट जोन में है। इनमें बैरिकेडिंग की संख्या 95,448 है। सरकार की तरफ से 44,788 मोबाइल लाउडस्पीकर्स के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी पर लगेगा गैंगेस्टर व NSA

इन क्वारंटीन सेंटरों में दवाइयों से लेकर खाने-पीने की सुविधा भी सरकार उपलब्ध करा रही है। यहां आने वाले प्रवासियों की सूचनाएं भी वेबसाइट पर फीड किया जा रहा है। इन्हें आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट http://www.rahat.up.nic.in पर फीड किया जा रहा है। राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट पर स्किल मैपिंग के लिए विभिन्न श्रेणी के कार्यों का वर्गीकरण किया जा रहा है।

प्रशांत कुमार ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में मास्क न लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। इस दौरान पूरे प्रदेश में 57,753 लोगों का चालान किया गया है। कुल 1276 पुलिस बल अब तक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। रेमडेसिविर जैसी दवाओं की कालाबाजारी पर एनएसए और गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जा रही है।

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