Mock drill

मॉक ड्रिल प्रदेश को हर परिस्थिति के लिए तैयार करने की दिशा में अहम कदम: सीएम योगी

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लखनऊ: देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आज भारत माता के महान सपूत और स्वाधीनता आंदोलन के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जा रही है। इसी अवसर पर नेताजी के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए उत्तर प्रदेश नागरिक सुरक्षा संगठन की ओर से मॉक ड्रिल (Mock Drill) का आयोजन किया गया। यह शानदार मॉक ड्रिल (Mock Drill) प्रदेश को हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर आपातकालीन स्थिति में बचाव एवं जागरूकता के लिए आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल (Blackout Mock Drill) के दौरान कही। 

हर स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका को समाज ने स्वीकार किया-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ का भाव नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आज़ादी के आंदोलन के दौरान देश को दिया था। उसी भावना के अनुरूप उन्होंने भारत की स्वाधीनता के लिए आज़ाद हिंद फौज का गठन किया। भारत की नारी शक्ति की सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई ब्रिगेड का गठन कर देश को उस समय ही महिला शक्ति की ताकत से अवगत कराया था। भारत के अंदर हो या विदेश में, जहां-जहां नेताजी रहे, उन्होंने भारत की आज़ादी के लिए जो योगदान दिया, हर भारतवासी उसके प्रति कृतज्ञ है और एक राष्ट्रनायक के रूप में उन्हें सम्मान देता है। सीएम ने कहा कि आज का यह मॉक ड्रिल (Mock Drill) हम सभी को सम और विषम परिस्थितियों के प्रति हमेशा तैयार रहने की प्रेरणा देता है। युद्धकाल हो या शांति काल, आपदा हो या आकस्मिक दुर्घटना हर स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका को समाज ने निर्विवाद रूप से स्वीकार किया है। इसी महत्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सभी 75 जनपदों में नागरिक सुरक्षा संगठन का गठन किया गया।

सरकार पर निर्भर रहना किसी स्वावलंबी समाज का गुण नहीं हो सकता-

मुख्यमंत्री ने नागरिक सुरक्षा संगठन को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब सभी 75 जिलों में भर्ती की प्रक्रिया पूर्णता की ओर बढ़ रही है। साइरन लग चुके हैं और इस तरह के मॉक ड्रिल (Mock Drill) कार्यक्रम प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में हर काम के लिए सरकार पर निर्भर रहना किसी स्वावलंबी समाज का गुण नहीं हो सकता। स्वावलंबन की पहली शर्त यही है कि हम अपने देश और समाज के प्रति भी सोचें और सरकार के साथ मिलकर ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाएं, जिससे कार्यों की गति कई गुना बढ़ सके। इसी सोच के साथ नागरिक सुरक्षा संगठन से जुड़े स्वयंसेवकों के माध्यम से यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है और आज 75 जिलों में मॉक ड्रिल (Mock Drill) हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि अब नागरिक सुरक्षा संगठन केवल शांति काल में पर्व और त्योहारों तक सीमित नहीं है। पर्व-त्योहार, बाढ़ या अन्य आपदा, कोई घटना-दुर्घटना, बड़े आयोजन में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करना या फिर यदि देश पर दुश्मन द्वारा युद्ध थोपा गया हो तो युद्धकाल में समाज की व्यवस्था संभालने, हर परिस्थिति में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस मॉक ड्रिल (Mock Drill) के माध्यम से यह क्षमता आज प्रस्तुत की गई है।

वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया चल रही-

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है और इसे निरंतर हमारी प्रैक्टिस का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें युद्ध के साथ-साथ आपदा प्रबंधन के लिए, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और यदि दुर्घटना हो जाए तो पीड़ित को समय पर उपचार दिलाने के लिए निरंतर अभ्यास करना होगा। पीड़ित का जीवन अमूल्य है और ‘गोल्डन आवर’ की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास आगे बढ़ाना होगा। प्रदेश में एसडीआरएफ के माध्यम से ‘आपदा मित्रों’ की भर्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। आपदा मित्र के रूप में जो स्वयंसेवक कार्य करेंगे, उन्हें उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया चल रही है और आवश्यक होने पर उन्हें आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में होमगार्ड स्वयंसेवक मौके पर राहत कार्यों में बड़ा सहयोग कर सकता है और हम सबको इनके महत्व के प्रति जागरूक रहना चाहिए। आज के समय में विकास तीव्र गति से बढ़ रहा है, टूरिज्म तेजी से बढ़ा है और इंफ्रास्ट्रक्चर अत्याधुनिक हुआ है। ऐसे में हाईराइज बिल्डिंग में यदि कहीं अग्निकांड जैसी घटना हो जाए, तो नागरिक सुरक्षा संगठन या आपदा मित्र फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में कैसे योगदान दे सकते हैं, इसके लिए नियमित मॉक ड्रिल जरूरी है।

केवल संकट पर तैयार रहना पर्याप्त नहीं, सामान्य जीवन में भी हमेशा तैयार रहना होगा-

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है तो एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले नागरिक सुरक्षा संगठन प्रशासन की मदद के लिए खड़ा हो जाए, तो समाज के सहयोग से जनहानि और धनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है। इसे नियमित अभ्यास का हिस्सा बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल संकट आने पर तैयार रहना पर्याप्त नहीं, बल्कि सामान्य जीवन में भी हमेशा इसके लिए तैयार रहना होगा, तभी सफलता मिलेगी। 

  इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा विभाग के मंत्री धर्मवीर प्रजापति, विधायक डॉ. नीरज बोरा, डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, ओपी श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव नागरिक सुरक्षा संयुक्ता समद्दार आदि उपस्थित थे।

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