किसान आंदोलन: धरनास्थल पहुंचे हरियाणा के पूर्व सीएम, माइक न मिलने पर खफा हो कर लौटे

899 0

कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के धरनास्थल पर पहुंचकर बिना बोले ही वापस लौटने का मामला सामने आया है। हरियाणा के जींद जिले में प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में धरनास्थल पर पहुंचे चौटाला को किसानों को संबोधित करने के लिये माइक नहीं दिया गया। धरना स्थल पर पहुंचते ही चौटाला का स्वागत किया गया और मंच के सामने बैठने के लिए कुर्सी दी गई लेकिन उन्हें माइक नहीं दिया इससे नाराज चौटाला वापस लौट गए।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री का यहां आने का कार्यक्रम एक सप्ताह पहले ही तय हो चुका था ।संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि पहले ही इनेलो को अवगत करा दिया था कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल के नेता को मंच साझा नहीं करने दिया गया है आगे भी नहीं करने दिया जाएगा। बता दें कि ओपी चौटाला कुछ देर तक माइक के इंतजार में खड़े भी रहे। ओपी चौटाला को उनके पोते कर्ण चौटाला ने कुछ देर तक मंच पर सहारा देकर खड़े रखा, लेकिन किसानों ने उन्हें संबोधित नहीं करने दिया।

प्रतापगढ़ के रानीगंज इलाके मे भाजपा नेता समेत 2 लोगों को मारी गोली

कुछ किसानों ने संबोधन के पक्ष में आवाज उठाई तो असमंजस की स्थिति बन गई।  आधे घंटे तक टोल पर यह ड्रामा चलता रहा।  संबोधन न करने से ओपी चौटाला नाराज दिखे. वहीं किसानों का कहना है कि किसी भी राजनेता को मंच से संबोधित नहीं करने दिया जाएगा। दरअसल, चौटाला का खटकड़ टोल पर कार्यक्रम एक सप्ताह पहले ही तय हो गया था।  संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों कैप्टन भूपेंदर व सतबीर बरसोला ने बताया कि उन्होंने पहले ही इनेलो के स्थानीय नेताओं को अवगत करा दिया था कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल के नेता को यहां मंच साझा नहीं करने दिया गया है। चौटाला साहब को भी मंच व माइक साझा नहीं करने दिया जाएगा।

Related Post

CM Dhami

इगास पर लोकसंस्कृति के संरक्षण का संकल्प: मुख्यमंत्री धामी

Posted by - November 1, 2025 0
मुख्यमंत्री आवास में आज इगास पर्व बड़े हर्ष–उल्लास, पारंपरिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव के साथ भव्य रूप से मनाया गया।…
INS Viraat

INS विराट को ‘बचाने’ की उम्मीद खत्म, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की म्यूजियम बनाने वाली अपील

Posted by - April 12, 2021 0
नई दिल्ली। INS विराट  (INS Viraat) 29 साल तक भारतीय सेना का हिस्सा रहा। इसे तोड़ने की जगह म्यूजियम बनाने की…