लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने आज विधानसभा की कार्यवाही में सम्मिलित होने से पूर्व अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ का आयोजन किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए बड़ी संख्या में लोगों ने उपमुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं और शिकायतें प्रस्तुत कीं।
उपमुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने एक-एक कर सभी फरियादियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना। जनता दर्शन में मुख्य रूप से भूमि विवाद, पुलिस सहायता, स्वास्थ्य उपचार हेतु आर्थिक मदद और स्थानीय विकास कार्यों से संबंधित मामले सामने आए।
त्वरित निस्तारण के निर्देश:
उपमुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों/पुलिस अधीक्षकों को फोन पर निर्देशित किया कि जन-समस्याओं का समाधान गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए।
संवेदनशीलता पर जोर:
श्री मौर्य (Keshav Maurya) ने कहा कि सरकार जनता के द्वार पर है और किसी भी गरीब या असहाय व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विकास प्राथमिकता:
उन्होंने (Keshav Maurya) दोहराया कि जन-समस्याओं का निराकरण करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ‘जनता दर्शन’ का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना है।
जनता दर्शन के पश्चात उपमुख्यमंत्री विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने के लिए रवाना हुए। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

