बांग्लादेश विदेश मंत्री की यात्रा

भारत ने नागरिकता संशोधन पर अमेरिकी आयोग की टिप्पणी को बताया पूर्वाग्रह से ग्रसित

1102 0

 

नई दिल्ली । भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ‘अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग’ के नागरिकता संशोधन विधेयक और गृहमंत्री अमित शाह पर दिए बयान को एकतरफा और पूर्वाग्रह से ग्रसित बताया है। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका सहित हर देश को अपने नागरिकों की पहचान करने का अधिकार है।

बता दें कि यूएससीआईआरएफ ने नागरिकता संशोधन विधेयक को गलत दिशा में उठाया कदम बताया है। राज्यसभा में विधेयक के पारित होने के बाद अमित शाह पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि यूएससीआईआरएफ पहले भी इस तरह के बयान देता रहा है। इस बयान में कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं है। आयोग का अधूरी जानकारी के साथ कार्यक्षेत्र से बाहर के विषयों पर टांग अड़ाते हुए एकतरफा और पूर्वाग्रह से ग्रसित बयान देना अफसोसजनक है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी आयोग द्वारा नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर दिया गया बयान गैर-जरूरी और तथ्यों से परे है। यह विधेयक भारत में पहले से रह रहे कुछ देशों में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार अल्पसंख्यकों को शीघ्रता से भारतीय नागरिकता दिए जाने पर विचार करने से जुड़ा प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि विधेयक उत्पीड़न के शिकार लोगों की वर्तमान कठिनाइयों को दूर करने और उन्हें बुनियादी मानवाधिकार देने से जुड़ा प्रयास है। इस तरह की पहल का स्वागत किया जाना चाहिए न कि धार्मिक स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध लोगों द्वारा इसकी आलोचना की जानी चाहिए।

रवीश ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक किसी भी समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता लेने से नहीं रोकता है। भारत का इस संबंध में रिकॉर्ड पूरी तरह से निष्पक्ष है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) किसी भी समुदाय से जुड़े किसी भी भारतीय से उसकी नागरिकता छीनने नहीं जा रहा है।

Related Post

CDS General Bipin Rawat

CDS जनरल बिपिन रावत ने कहा-‘पिछले अनुभवों से नहीं लड़ा जा सकता भविष्य का युद्ध’,

Posted by - April 9, 2021 0
नई दिल्ली। चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से घिरे भारत के सामने सुरक्षा के क्या खतरे मौजूद हैं। इसपर भारतीय…