INTERNATIONAL DAY OF FOREST

विश्व वानिकी दिवस: वनों की सेहत की भी करनी होगी चिंता

989 0

देहरादून। (Forestry Day 2021) वन प्रदेश कहे जाने उत्तराखंड को वनों के स्वास्थ्य की भी चिंता करनी होगी। वनाग्नि से लेकर भू कटाव, लेंटाना, काला बांस आदि का बढ़ना, जल स्रोतों के सूखने, बांज, बुरांश और बुग्यालों पर संकट आदि मुख्य चुनौतियां हैं जिनका सामना प्रदेश के वनों को करना पड़ रहा है। 

वनाग्नि की समस्या प्रदेश के सामने कई कारणों से बढ़ती जा रही है। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण यह समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। सर्दियों में भी इस बार जंगल जले और यह सिलसिला लगातार जारी है।

लेंटाना, काला बांस जैसी समस्याएं भी वनों की सेहत से खिलवाड़ का कारण बन रही है। वन विभाग के मुताबिक इस तरह की खरपतवार का लगातार फैलाव हो रहा है। लेंटाना और काला बांस आदि को खत्म करने के लिए वन विभाग को लगातार बपना बजट भी बढ़ाना पड़ रहा है।

सतपाल महाराज ने पत्नी संग लगवाई कोरोना वैक्सीन

स्वस्थ वनों के सामने एक चुनौती भू कटाव की भी है। शिवालिक में भू कटाव की दर सबसे अधिक पाई गई है। वनाग्नि के बढ़ते मामलों के कारण यह समस्या भी लगातार बढ़ रही है। मौसम में बदलाव के कारण बारिश के पानी से भू क्षरण बढ़ रहा है।

अन्य चुनौतियां भी हैं वनों के सामने

1. लोगों का लगाव वनों के प्रति कम हो रहा है। ऐसे में वन संरक्षण के मामले में वन विभाग को अपने संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है जो कि काफी कम हैं।
2. शहरीकरण और विकास योजनाओं के लिए वन भूमि की दरकार है। 2015 से लेकर 2019 के बीच में करीब 2850 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग विकास कार्य के लिए किया गया।
3. वनों पर प्रदेश के कई लोगों की निर्भरता लगातार बनी हुई है। लकड़ी के अलावा चारा, जड़ी बूटी आदि भी वनों से लिया जा रहा है।
4. जल स्रोतों का कम होना भी वनों के स्वास्थ्य के सामने बड़ी चुनौती है। नीति आयोग की एक रिपोर्ट में भी इस ओर इशारा किया गया है।
5. वन पंचायतों का अधिकतम उपयोग न होना पाना भी एक चुनौती है। प्रदेश में 12000 से अधिक वन पंचायतें हैं और इनके अधीन 7.32 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र इनके अधीन हैं।

करीब 61 प्रतिशत वन अति संवेदनशील

एक शोध के मुताबिक प्रदेश में करीब 61 प्रतिशत वन वनाग्नि, भू कटाव सहित अन्य समस्याओं को लेकर अति संवेदनशील हैं। इसी तरह 36 प्रतिशत वन संवेदनशील पाए गए हैं। साफ है कि वनों की सेहत पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में प्रदेश को अपनी बहुमूल्य वन संपदा का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

राजीव भरतरी, मुखिया वन विभाग के अनुसार-
वनों पर दबाव बढ़ने से इनकार नहीं किया जा रहा है। प्रदेश में इस समस्या के समाधान के कोशिश भी की जा रही है। लेंटाना, काला बांस सहित अन्य खरपतवार को समाप्त करना, पौधरोपण आदि को तवज्जो दी जा रही है। वनाग्नि एक बड़ी समस्या है। इस बार विश्व वानिकी दिवस पर स्वस्थ वन, स्वस्थ जीवन का स्लोगन इसलिए दिया गया है।

Related Post

सड़क हादसों में आधा दर्जन की हुई मौत

सड़क हादसों में आधा दर्जन की हुई मौत

Posted by - March 30, 2021 0
होली के दौरान राजधानी के विभिन्न इलाकों में हुए सड़क हादसों में आधा दर्जन लोगों की मौत हो गयी और दर्जनों लोग घायल हो गये। घायलों को सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।गोसाईंगंज संवाददाता के मुताबिक सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में होली दिन दो अलग अलग जगहों पर हुई दुर्घटनाओं में रिटायर्ड टीचर समेत दो की मौत हो गई और युवती समेत तीन लोग घायल हो गए। UP कांग्रेस में शिव पाण़्डेय को मिली बड़ी जिम्मेदारी जानकारी के मुताबिक सोमवार को शहीद पथ से जीडी गोयनका मोड के पास तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। जिसमें बाइक चला रहे युवक यक्ष मिश्रा (21) की मौके पर मौत हो गई।इंस्पेक्टर सुशान्त गोल्फ सिटी विजयेंद्र सिंह के मुताबिक  मूल रूप से कन्नौज निवासी विपिन मिश्रा ग्वारी विकासखण्ड, गोमतीनगर में किराए पर अपने परिवार के साथ रहते है। उनका बेटा यक्ष मिश्रा उर्फ लकी पीजीआई की तरफ जा रहा था, तभी अंसल के पास मोड़ पर अचानक बाइक फिसल जाने के कारण अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई।  किसान आंदोलन के चलते नोएडा-दिल्ली के रास्ते ब्लॉक, सुप्रीम…
Tulsi plant

तुलसी से मुस्लिमों का ख़ास कनेक्शन, कुरान में है इसकी खूबसूरती और खुशबू का जिक्र

Posted by - April 16, 2019 0
नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पवित्र पौधा मानी जाने वाले तुलसी से इस्लाम का भी कनेक्शन है। अरबी भाषा में…
नागरिकता संशोधन विधेयक

Flashback 2019: कैब भारत की धार्मिक विविधता के ख़िलाफ़, आईपीएस अब्दुर्रहमान का इस्तीफा

Posted by - December 12, 2019 0
नई दिल्ली। संसद के दोनों से नागरिकता संशोधन विधेयक पर मुहर लगने के बाद देश के गृहमंत्री अमित शाह संसद…