Dussehra 2019: जानें क्यों मशहूर है मैसूर और कुल्लू का दशहरा

1470 0

लखनऊ डेस्क। दिल्ली और उत्तर प्रदेश में दशहरा के दिन लोग रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला जलाते हैं , वहीं कुल्लू और मैसूर शहर के दशहरा का महत्व और तरीका दोनों ही अलग है। इसलिए यहां का दशहरा दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। आइये जानें इन जगहों का दशहरा क्यों है मशहूर –

ये भी पढ़ें :-जानें विजयादशमी का शुभ मुहूर्त और इस दिन क्यों खाते हैं जलेबी 

आपको बता दें मैसूर में दशहरा का आयोजन सबसे पहले 15वीं शताब्दी में हुआ था। दशहरा के दिन यहां देवी चामुंडेश्वरी की पूजा की जाती है। मैसूर के दशहरे की खासियत यहां का जुलूस है जो अंबा महल से शुरू होता है और मैसूर से होते हुए करीब पांच किलोमीटर और दूर जाता है। इस जुलूस में पंद्रह हाथी लाए जाते हैं जिनके ऊपर देवी चामुंडेश्वरी की मूर्ति को रखा जाता है। इस मूर्ति को बेहद ही खूबसूरत तरीके से सजाया जाता है।

ये भी पढ़ें :-बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव दशहरा, जानें इसका इतिहास 

वहीँ कुल्लू शहर शांति और अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है। वहीं दशहरा के दिन इस शहर का भव्य आयोजन सभी लोगों के आकर्षण का केन्द्र बन जाता है। कुल्लू में दशहरा  का त्योहार भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। जब पूरे देश में दशहरा खत्म होता है , उसी दिन कुल्लू में दशहरे का उत्सव शुरू होता है। कुल्लू में दशहरे का पर्व सात दिनों तक मनाया जाता है। कुल्लू में काम, क्रोध, मोह, लोभ और अहंकार के नाश के तौर पर पांच जानवरों की बलि देकर इसे मनाते हैं।

Related Post

Ayodhya Verdict 2019: सुप्रीम कोर्ट ने फैसले के दौरान क्यूं ली अनुच्छेद 142 की मदद? पढ़ें पूरा

Posted by - November 11, 2019 0
अयोध्या। दशकों से चल रहे मंदिर-मस्जिद विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला बीते शनिवार को सुना दिया…
Ganga Aarti

गंगा आरती की नई व्यवस्था

Posted by - February 19, 2021 0
सियाराम पांडेय ‘शांत’ गंगा के निर्मलीकरण को लेकर जहां उत्तर प्रदेश की योगी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश…

मॉर्डन आउटफिट में लगाएं इंडियन तड़का, गजरे से मिलेगा खास लुक

Posted by - February 22, 2024 0
जब हम इंटरनेट पर कुछ बेहतरीन हेयरस्टाइल आइडियाज ढूंढते हैं, तो हमें गजरे (gajra) से बनी कितनी सुंदर-सुंदर हेयरस्टाइल्स (hairsyles)…