उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और डीजीपी राजीव कृष्ण ने गुरुवार को बरेली में आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बरेली और मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस अधिकारियों को सावन के तीसरे और चौथे सोमवार को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए और किसी भी तरह की अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कांवड़ रूट पर मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध का प्रभावी पालन कराने के साथ साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने को कहा।
अफवाहों और उपद्रवियों पर रहेगी पैनी नजर
डीजीपी ने अधिकारियों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करे।
बैठक में डीजे को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। डीजीपी ने डीजे संचालकों के साथ समन्वय कर आवाज और आकार को निर्धारित मानकों के अनुसार रखने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के साथ-साथ कानून व्यवस्था और जनसुविधाओं को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है।
नौ जिलों के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। इसके अलावा दोनों मंडलों के कमिश्नर, एडीजी, आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रा और सावन माह की तैयारियों को लेकर तैयार की गई बुकलेट भी मुख्य सचिव और डीजीपी के सामने प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने यात्रा मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
