डेल्टा से अधिक संक्रामक हो सकता है इसका नया वेरिएंट, जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट

764 0

भारत में जिस वक्त कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अपने चरम पर थी तब से ही सरकार से लेकर आम लोगों तक सभी को तीसरी लहर का डर सताने लगा था। दूसरी लहर के दौरान माना गया कि भारत में पाया गया कोरोना का डेल्टा वैरिएंट परेशानी की मुख्य वजह था। कोराना का ये वैरिएंट अन्य म्यूटेंट की तुलना में तेजी से फैलता है और घातक होता है।

भारत में बढ़ते कोरोना के बढ़ते वैक्सीनेशन की खबरों के बीच मंगलवार को एक खबर ये भी आई की देश में अब तक कोरोना वायरस के ‘डेल्टा प्लस वैरिएंट’ के 22 मामलों का पता चला है। सरकार के मुताबिक यह अभी चिंता करने वाला वैरिएंट नहीं है।

डेल्टा प्लस वैरिएंट के जो 22 मामले सामने आए हैं उनमें से 16 महाराष्ट्र के रत्नागिरि और जलगांव में मिले हैं। जबकि बाकी के मामले मध्य प्रदेश तथा केरल के हैं. ऐसे में यह जानना बेबद जरूरी है कि कोरोना के इस नए वेरिएंट कितना घातक होगा?

वायरस के लिए अपने वजूद को बचाए रखने के लिए म्यूटेट करना जरूरी है. ऐसा वो हमेशा करते रहते हैं। कोरोना वायरस भी अबतक कई बार म्यूटेट हो चुका है। जिसका डेल्टा वेरिएंट पहली बार भारत में पाया गया था। इसके बाद डब्लूएचओ ने इसे डेल्टा वैरिएंट नाम दिया गया। कोरोना का डेल्टा वैरिएंट आज पूरी दुनिया के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ऐसे में भारत के सामने डेल्टा पल्स नाम के एक और वैरिएंट के रूप में खड़ी हो गई है।

कोरोना का डेल्टा वेरिएंट दुनिया को ज्याद चिंता में डाल रहा है। ये पाया गया है कि ये वायरस पुराने वायरस यानी अल्फा वेरिएंट की चुलना में बहुत तेजी से फैलता है। रिसर्च में पाया गया कि अल्फा वेरिएंट अपने पूर्व के वर्जन की तुलना में 43-90 प्रतिशत तेजी से फैलता है। वहीं डेल्टा वेरिएंट अल्फा की तुलना में 40 प्रतिशत ज्यादा तेजी से फैलता है।

गावी एलायंस के मुताबिक डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित होने वाले लोगों के सिर में दर्द, गले में खराोश, नाक का बहना और बुखार जैसे लक्षण देखे गए हैं। इसमें सूंघने की क्षमता और खांसी जैसे लक्षण कम देखने को मिले हैं।

कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के प्रति वैक्सीन का कैसा असर होगा यह बात सबके जेहन में चल रही है। अमेरिका के महामारी विशेषज्ञ एरिक फीगल डिंग ने डेस्टा वर्जन के खिलाफ कोरोना वैक्सीन की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, एस्ट्राजेनेका का भारत में कोविशील्ड के नाम से लगाई जाने वाली वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ 60 प्रतिशत प्रभावी हो सकती है।

लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक डेल्टा म्यूटेंट के खिलाफ कोरोना वैक्सीन का एक डोज कम प्रभावी होगा। दो डोज लगवाने के बाद फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन की क्षमता अल्फा वैरिएंट के खिलाफ 92 प्रतिशत से घटकर डेल्टा के खिलाफ 79 प्रतिशत हो जाती है।

Related Post

CM Dhami

मॉर्निंग वॉक पर निकले सीएम धामी, खिलाड़ियों से की मुलाकात

Posted by - November 20, 2022 0
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) रविवार सुबह सैर पर निकले। निजी कार्यक्रम के…
यूपी विधानसभा चुनाव 2022

बीजेपी सरकार दिखा रही है हसीन सपने, आर्थिक सर्वे इसका प्रमाण : मायावती

Posted by - January 31, 2020 0
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण को सरकारी लेखा-जोखा बताया है। उन्होंने…
CM Dhami appreciated the contribution of LIC

LIC ने मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु 1 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया, सीएम ने की सराहना

Posted by - November 10, 2025 0
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) से आज भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास पर…
CM Vishnudev Sai

छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने लिथियम ब्लॉक की नीलामी की: मुख्यमंत्री साय

Posted by - October 6, 2025 0
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, सोना, हीरा और कॉपर जैसे बहुमूल्य खनिज…

जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर के सरकारी स्कूल में आतंकी हमला, दो शिक्षकों की मौत

Posted by - October 7, 2021 0
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में आतंकी लगातार आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। पिछले तीन दिनों में आतंकियों ने घाटी में 7…