दिल्ली विधानसभा चुनाव

दिल्ली विधानसभा चुनाव: भाजपा के लिए परेशानी का कारण बनी बन सकती है ये तिकड़ी

935 0

नई दिल्ली।अभी हाल में झारखंड विधानसभा चुनाव  में सहयोगी दलों के साथ तालमेल न बिठा पाने का बड़ा नुकसान भाजपा उठा चुकी है। अब यही मुसीबत​ दिल्ली विधानसभा चुनाव उसकी तीन सहयोगी पार्टियां नई मुसीबत खड़ी कर दी है।

बीजेपी के तीन सहयोगी दलों जनता दल (यू), लोकजन शक्ति पार्टी और जजपा ने उससे दिल्ली विधानसभा चुनाव में सीटों की मांग कर दी है। सीटों के न मिलने की स्थिति में तीनों ही दल चुनाव में ताल ठोंकने को तैयार हैं। अगर ये दल चुनाव में उतरते हैं तो इससे भाजपा को नुकसान हो सकता है। इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही तीन सहयोगी नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और दुष्यंत चौटाला उनकी दिल्ली की जीत की राह में रोड़ा बन सकते हैं।

हरियाणा में भाजपा सरकार जजपा की बैशाखी पर टिकी हुई है। हरियाणा के आस-पास सटे दिल्ली के इलाकों में जाट वोट काफी अधिक संख्या में हैं। इन वोटरों का भावनात्मक लगाव हरियाणा के प्रभावशाली नेता रहे ओम प्रकाश चौटाला और उनके परिवार से अभी भी बना हुआ है। हालांकि बीजेपी में प्रवेश वर्मा जैसे जाट नेता भी असरदार हैं, लेकिन अगर इस चुनाव में भाजपा और जजपा में सीटों के मामले पर कोई सहमति नहीं बनती है तो जजपा अकेले चुनाव में उतरने की तैयारी कर सकती है। अगर जजपा अकेले मैदान में उतरेगी तो इसका सीधा नुकसान भाजपा को होगा क्योंकि जाट वोटर दिल्ली में अभी तक उसी को वोट करता रहा है।

जिम में बॉडी बनाते दिखे अनुपम खेर, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल 

वहीं लोकजनशक्ति पार्टी के प्रवक्ता अजय पांडेय ने कहा कि हम बिहार के बाहर पार्टी का आधार बढ़ाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसी अभियान के तहत हम दिल्ली में भी अपनी किस्मत आजमाने को तैयार हैं। अब यह भाजपा को तय करना चाहिए कि वह अपने सहयोगियों को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरना चाहती है या वह अकेले चुनाव लड़ेगी। बीजेपी से सीटों के बारे में किसी तरह की बातचीत से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली की सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

वहीं, बीजेपी के एक अन्य सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) ने रविवार को दिल्ली स्थित कार्यालय में एक बैठक कर प्रदेश में अपने विकास की संभावनाओं की तलाश की। पार्टी के शीर्ष नेता दयानंद राय ने कहा कि वे पूर्वांचलियों के मुद्दे को लेकर चुनाव में उतरेंगे और अपनी अलग पहचान बनाएंगे। भाजपा से सीटों की तालमेल की किसी संभावना से उन्होंने इनकार नहीं किया लेकिन कहा कि अगर बीजेपी से उनकी पार्टी का तालमेल नहीं होता तो वे अकेले दम पर ही दिल्ली के सियासी मैदान में उतरेंगे।

Related Post

नवजोत सिंह सिद्धू

एक गलत वोट आपके बच्चों को चायवाला, पकौड़ेवाला या बना सकता है चौकीदार -सिद्धू

Posted by - April 29, 2019 0
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू सोमवार यानी आज पीएम मोदी पर निशाना साधने से नहीं चूके। उन्होंने ट्वीट…
अब्दुल्ला आजम खान

अब्दुल्ला आजम खान को बड़ा झटका, SC का हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे से इनकार

Posted by - January 17, 2020 0
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के सांसद पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से…
हेमंत सोरेन

दिल्ली चुनाव में आप की जीत पर बोले हेमंत सोरेन- ये बीजेपी के लिए है सबक

Posted by - February 11, 2020 0
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली विधानसभा चुनाव नतीजों का स्वागत किया है। चुनाव में आम आदमी पार्टी…
CM Nayab Singh Saini

एनसीआर व सैन्य बलों में भागीदारी को देखकर वित्त आयाेग के मानदंड तय हाें: मुख्यमंत्री

Posted by - April 28, 2025 0
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh) ने 16वें वित्त आयोग को अपने मानदंड बदलने का सुझाव…