data center

गांवों और छोटे क्षेत्रों में भी जल्द लगेंगे डेटा सेंटर्स

393 0

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 (GIS-23) बड़ी भूमिका बनाने जा रहा है। विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रानिक्स विभाग डेटा सेंटर नीति 2021 (Data Center Policy 2021) को संशोधित कर रहा है। इसके तहत आने वाले समय में गांवों और छोटे क्षेत्रों में भी डेटा सेंटर्स की स्थापना होगी। नीति में 900 मेगावाट के डेटा सेंटर क्षमता के साथ 30 हजार करोड़ रुपए निवेश का लक्ष्य रखा गया है।

संशोधित नीति में एज डेटा सेंटर (Data Center) की स्थापना पर भी फोकस किया गया है। इसका उद्देश्य लघु अंचलों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी छोटे डेटा सेंटर्स स्थापित कराने का है। इसकी क्षमता कम से कम 50 किलोवाट होगी। इसके अलावा एक डेटा सेंटर इकाई की क्षमता दो मेगावाट से अधिक और 40 मेगावाट से कम होगी। इसके लिए सरकार की ओर से एज डेटा सेंटर्स को डेटा सेंटर्स यूनिट्स के समकक्ष प्रोत्साहन मिलेगा, लेकिन इसके लिए निवेशक को प्रदेश में कम से कम 25 एज डेटा सेंटर्स की स्थापना करनी होगी।

नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्रों की होगी स्थापना

संशोधित डेटा सेंटर (Data Center) नीति पर कैबिनेट में जल्द मुहर लगने के आसार हैं। नीति में डेटा सेंटर्स को दोहरा ग्रिड विद्युत नेटवर्क देना प्रस्तावित है। साथ ही प्रथम ग्रिड की लागत निवेशकर्ता और दूसरे की लागत आईटी और इलेक्ट्रानिक विभाग के वहन करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा डेटा सेंटर क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्रों की भी स्थापना का प्रस्ताव है।

दूसरे राज्यों की नीतियों का किया गया तुलनात्मक अध्ययन

संशोधित डेटा सेंटर (Data Center) नीति तैयार करने से पहले आईटी और इलेक्ट्रानिक विभाग ने उद्योग संघों, निवेशकों, विकास प्राधिकरणों, ऊर्जा विभाग और अन्य विशेषज्ञों से सलाह ली है। इसके अलावा दूसरे राज्यों हरियाणा डेटा सेंटर नीति 2022, तमिलनाडु डेटा सेंटर नीति 2021, तेलंगाना डेटा सेंटर नीति 2016, कर्नाटक डेटा सेंटर नीति 2022 का भी तुलनात्मक अध्ययन, विभागीय प्रतिनिधियों आदि से परामर्श और चर्चा की गई है।

एक वर्ष में ही आया 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश

सीएम योगी के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रानिक्स विभाग ने उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति 2021 बनाई थी। नीति प्रदेश में डेटा सेंटर उद्योगों को स्थापित करने के लिए वैश्विक और घरेलू निवेशकों को आकर्षित कर रही है। नीति लागू होने के एक वर्ष के अंदर ही 20 हजार करोड़ रुपए की लागत से डाटा सेंटर पार्क और यूनिट, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 636 मेगावाट की क्षमता के लगाए जा रहे हैं। देश में डेटा सेंटर नीति 2021 हिट हुई है। पांच के बजाय एक साल में ही तय लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है और देश में डेटा सेंटर निर्माण में प्रदेश अग्रणी राज्य बन गया है।

Related Post

बाराबंकी हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजे का किया ऐलान

Posted by - October 7, 2021 0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हुए सड़क हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतक…

अगर किसान खालिस्तानी तो दिल्ली में बैठी सरकार तालिबानी, बंदूक के दम पर कब्जा जमाया हुआ है- टिकैत

Posted by - August 28, 2021 0
किसान नेता राकेश टिकैत ने चंडीगढ़ में कहा कि किसान आंदोलन अब सिर्फ कृषि कानूनों के खिलाफ न रहकर देश…
Maha Kumbh

एकता का महाकुम्भ: संगम पर स्पेनिश, जर्मन, रशियन और फ्रेंच में गूंजे जय श्री राम, हर हर गंगे के जयकारे

Posted by - January 13, 2025 0
महाकुम्भनगर: महाकुम्भनगर भारत ही नहीं, विश्व की आस्था का केंद्र बन गया है। यहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ…

रैली में सीएम नीतीश कुमार पर एक शख्स ने फेंके पत्थर-प्याज के टुकड़े!

Posted by - November 3, 2020 0
राजनीति डेस्क.   बिहार में विधानसभा चुनाव इस समय जोरो-शोरों से जारी है. बिहार विधानसभा चुनाव में तीसरे चरण के लिए…
Electricity reached Manipur Grant for the first time

गोण्डा के मनीपुर ग्रांट में पहली बार पहुंची बिजली,कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू

Posted by - April 4, 2025 0
लखनऊ/गोण्डा । उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Government) ने एक बार फिर साबित किया है कि उसकी प्राथमिकता…