सीमरेस्पकूल

सीएसआईआर- सीमैप का सीमरेस्पकूल कोविड-19 की जंग में मददगार, किया गया रिलीज़

310 0

लखनऊ। सीएसआईआर – सीमैप, लखनऊ ने सुगंधित तेल पर आधारित सीमरेस्पकूल जो पर्यावरणीय कोन्टामीनंट्स, वायरस तथा सांस जनित रोगों में सहायक हो सकता है। इस शनिवार को रिलीज़ किया गया। इस फॉर्मुलेशन को सीएसआईआर- सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी तथा मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अजीत शासने ने रिलीज़ किया।

डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने कहा कि फॉर्मुलेशन प्राकृतिक सुगंधित तेलों से तैयार किया गया है जो कि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित

इस अवसर पर डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने कहा कि विभिन्न प्रकार की बीमारियों के प्रबंधन के लिए सुगंधित तेलों का उपयोग हजारों वर्षों से किया जाता रहा है। इन सुगंधित तेलों को ह्यूमिडिफायर से वाष्पीकरण करके उपयोग किया जा सकता है। बाजार में उपलब्ध वेपराइज़र उत्पाद अधिकांशतः सिंथेटिक रसायन होते हैं और एलर्जी कर सकते है। सीमैप द्वारा बनाया गया फॉर्मुलेशन प्राकृतिक सुगंधित तेलों से तैयार किया गया है जो कि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित किया गया है।

सल्तनत नफीस को सफेद वर्दी वाली सैनिक होने पर है गर्व : केशव प्रसाद मौर्य

सीएसआईआर – सीमैप के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अजीत शासने ने बताया कि सीमरेस्पकूल (CIMRespCool) फॉर्मुलेशन को डिफ्यूज़र के लिए एक (ओवर द काउंटर) ओटीसी उत्पाद की तरह विकसित किया है। इस फॉर्मुलेशन को पांच आवश्यक तेलों से विकसित किया गया है जो न केवल रोगाणुओं के व्यापक स्पेक्ट्रम के प्रबंधन के लिए सहायक पाया गया है, बल्कि वायरस सहित पर्यावरणीय कोन्टामीनंट्स तथा सांस जनित रोगों में भी सहायक हो सकता है।

इस फॉर्मुलेशन से न केवल वातावरण को शुद्ध किया जा सकता है बल्कि यह सुगंध भी प्रदान करता है। फॉर्मुलेशन को विकसित करने के लिए आवश्यक तेलों जैसे मेंथा, रोज़मेरी, तुलसी आदि का उपयोग किया गया है। वैज्ञानिक परीक्षण में पाया गया कि उत्पाद सुरक्षित है और इसका उपयोग होम, ऑफिस, अस्पताल आदि में एक डिफ्यूज़र (किसी भी प्रकार) में किया जा सकता है।

डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी, निदेशक, सीमैप ने सीमरेस्पकूल उत्पाद केजीएमयू  के कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट को कोरोना वार्डों में मूल्यांकन के लिए सौंपा। अवसर पर डॉ अजीत के शासने, डॉ. मनोज सेमवाल और डॉ. संदीप तिवारी भी उपस्थित थे।

फॉर्मुलेशन की विशेषताएं

• वैज्ञानिक प्रमाणीकरण और नॉलेजबेस के आधार पर वायरस सहित एंटी-माइक्रोबियल और पर्यावरणीय कोन्टामीनंट्स पर प्रभावी पाया गया।
• होम, ऑफिस, अस्पताल आदि के लिए उपर्युक्त।
• वैज्ञानिक मान्यताओं के आधार पर नॉनटॉक्सिक पाया गया।
• सांस की तकलीफ के खिलाफ प्रभावी पाया गया।

टीम के सदस्य अनिर्बान पाल, एनपी यादव, सीएस चनोटिया, डीएन मणि, डीयू बावनकुले, सुएब लुकमान, आभा मीणा, पीके राउत, रमेश श्रीवास्तव, मनोज सेमवाल, सुदीप टंडन, डा. प्रबोध के त्रिवेदी और डा. अजीत शासने हैं।

Related Post

मुस्लिमों को एक सार्वजनिक पार्क में नमाज अदा करने से रोकने का आदेश ‘भेदभावपूर्ण और गैरजिम्मेदाराना’ -मायावती

Posted by - December 28, 2018 0
नोएडा। हिन्दू मुस्लिम संघठन के लोग आपस में मित्रतापूर्वक इसके लिए प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहा है और विवाद…