Yogi Adityanath

विशेष संचारी रोग नियंत्रण एव दस्तक अभियान का सीएम ने किया शुभारम्भ

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सिद्धार्थनगर: विशेष संचारी रोग नियंत्रण (Special communicable disease control) एव दस्तक अभियान का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) द्वारा हरि झण्डी दिखाकर शुभारंभ किया गया। यह अभियान का 11वा चरण है। इससे पूर्व 2018 से लेकर अब तक 10 चरणों मे अभियान चलाया जा चुका है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर घर जाकर हाइग्रेड फीवर, ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) एव कोविड के लक्षणयुक्त रोगियों की पहचान एवं लाइनलिस्टिंग करेंगे। अन्य विभाग साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता तथा जन जागरण हेतु उचित प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुचकर सर्वप्रथम विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी एव स्टालों का अवलोकन किया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इस दौरान उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को नवरात्रि एव नव संवत्सर की शुभकामनाएं दी तथा उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर में पिछली बार जब मुझे मुख्यमंत्री रूप में सेवा करने अवसर मिला था उस दौरान आप सब से नजदीक से जुड़ने का सौभाग्य मिला था।

पिछले कार्यकाल में कृषि, स्वास्थ्य शिक्षा को दुरुस्त करने का प्रयास किया गया था जिसका परिणाम भी आया है लेकिन अभी और दुरुस्त करने की जरूरत है। प्रदेश सरकार ने जब नवकी बीमारी के लिए कमर कसी तो आशा वर्कर आगनवाड़ी इत्यादि संस्थाओं से मिलकर कार्य करने का कार्य किया गया और 4 से 5 वर्ष के अंदर इंसेफ्लाइटिस समाप्त करने का कार्य पूरा हुआ। इस अभियान में आशा कार्यकत्री घर घर जाकर जागरूकता करती है। रोग के उपचार से महत्त्वपूर्ण बचाव है। हम अपना बचाव करें और बचाव के साथ ही बिना इंतजार किये आशा के साथ हॉस्पिटल पहुचे और रोग का निदान होगा।

फाइलेरिया के साथ ट्यूबरक्लोसिस को खत्म करने के लिए स्ट्रेटजी बन गई है। माधव प्रसाद त्रिपाठी की स्मृति में मेडिकल कालेज के कार्य पूरा कर लिया गया और एडमिशन भी हो चुका है। 33 जिलों में मेडिकल कालेज बनवाने के लिए कार्य शुरू हुआ जिसमें 17 मेडिकल कालेज में पठन पाठन कार्य शुरू हो गया है। विगत दो वर्षों में कोरोना महामारी का सामना किया, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जो कोरोना मिटाने का प्रबंधन हुआ उसका सभी ने सराहना किया। कोरोना प्रबंधन उत्तर प्रदेश का मॉडल दुनिया का सबसे बेहतर मॉडल माना गया। कालानमक चावल की खुसबू अब देश के अंदर पहुच चुकी हैं। अब दुनिया मे भगवान बुद्ध की तरह कालानमक की खुश्बू को पहुचाना है।

विकास की प्रक्रिया निरंतर चलती रहे। आज ये जो विशेष अभियान चल रहा है इसके साथ हम सब जुड़कर कार्य करें। साढ़े तैतालिस लाख लोगों को आवास उपलब्ध कराया गया। जितना भी अभियान चल रहा है उत्तर प्रदेश के लोगो को स्वास्थ्य रखने की योजना चलाई जा रही है। कोई जरूरत मन्द उपचार एव शिक्षा से वंचित न रहने पाए यह हमारा प्रयास होना चाहिए।गंदगी कही न होने दे। गंदगी न हो जल जमाव न हो जिससे किसी भी प्रकार के बीमारी का कारक न बने।

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स्वस्छ्ता के काययक्रम को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ना होगा। यदि हम स्वस्छ्ता रखेंगे तो इंसेफ्लाइटिस के साथ साथ चिकुन गुनिया इत्यादि कोई रोग हमे नही छू पायेगा। हमारा प्रयास होना चाहिए शुद्ध पेयजल होना चाहिए। जागरूकता का यह विशेष अभियान एंटी लार्वा का छिड़काव, लगातार फॉगिंग का कार्य हो, स्वस्छ्ता के साथ हो तो बीमारियां उतपन्न नही होगी। जागरूकता के कार्यक्रम के साथ जापानीज इंसेफ्लाइटिस के वैक्सीन भी लगने प्रारम्भ होंगे। एक अप्रैल से गेहूं क्रय केंद्र प्रारम्भ हो गए हैं। 4 अप्रैल से पूरे प्रदेश में स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम आगे बढ़ाएंगे। पूरे देश में स्कूली शिक्षा कोरोना काल के कारण प्रभावित हुई है। इस अभियान से जुड़कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे।

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