देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने कहा कि कांग्रेस ने नारी शक्ति का अपमान किया है, जबकि महिला आरक्षण देश की दिशा बदलने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि संसद में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी देने का माध्यम बनेगा और इससे देश की आधी आबादी को सशक्त नेतृत्व का अवसर मिलेगा।
उत्तराखंड विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री धामी (CM Dhami) ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक संसद से पारित हुआ और परिसीमन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इसे लागू किया जाएगा। इस फैसले को देश की जनता ने महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम माना है।
मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि माताओं और बहनों को अधिक अधिकार देना देश के विकास से सीधे जुड़ा विषय है। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा नीति निर्माण में संतुलित दृष्टिकोण सामने आएगा।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने संशोधन विधेयक के दौरान जिस प्रकार का रवैया अपनाया, उसे पूरा देश देख चुका है। जनता समझती है कि कौन महिलाओं को अधिकार देना चाहता है और कौन उन्हें रोकना चाहता है।
मुख्यमंत्री धामी (CM Dhami) ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक निर्णय देखे हैं। धारा 370 हटाने से लेकर राम मंदिर निर्माण तक अनेक बड़े फैसले हुए हैं और अब महिलाओं के सम्मान एवं अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में यह विधेयक भी मील का पत्थर साबित होगा।
वहीं, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने भी महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए और इस विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
विशेष सत्र के दौरान महिला सम्मान, लोकतंत्र में भागीदारी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चर्चा होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की नई शुरुआत बनेगा।

