गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा संदेश देते हुए कहा है कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि किसी ने कानून की धज्जियां उड़ाने की तनिक भी कोशिश की तो उसकी धज्जियां उड़ाने में देर नहीं लगेगी। प्रदेश में सुरक्षा पर जो भी संकट पैदा करेगा, उसके लिए जेल और जहन्नुम के रास्ते खुले हुए हैं। प्रदेश माफियामुक्त हो चुका है और कोई फिर सिर उठाएगा तो वह मिट्टी में मिला दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोरखपुर शहर के वार्ड नंबर 80, राप्ती नगर के अंतर्गत बशारतपुर में नवनिर्मित कल्याण मंडपम सहित गोरखपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम की 130.73 करोड़ रुपये की लागत वाली 170 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से सुरक्षा के माहौल में हो रहे प्रदेश के विकास का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा जिन्हें विकास, रोजगार और उत्सवपूर्ण माहौल पसंद नहीं है, वे अब समाज को जाति, क्षेत्र व भाषा के नाम पर बांटने का काम करेंगे। जनता को ऐसे लोगों से सतर्क और सावधान रहना होगा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए, समाज को बांटने वाले लोगों को डकैतों का गिरोह करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘डकैतों के इस गिरोह को जब भी मौका मिला तो उन्होंने प्रदेश और देश को लूटने का काम किया। उत्सव से पहले उपद्रव करना, दंगे करना, कर्फ्यू लगवाना ही इनकी पहचान थी।’ उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार किसी भी गरीब, दलित, वंचित का उत्पीड़न या शोषण नहीं होने देगी। किसी ने शोषण या उत्पीड़न किया तो उससे सख्ती से निपटने का काम करेगी।
माफिया के साथ मच्छरजनित बीमारी का भी किया समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते करीब दस वर्ष में उन्होंने माफिया का सफाया करने के साथ ही मच्छरजनित बीमारी इंसेफेलाइटिस का भी समाधान कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी ने याद दिलाया कि 2017 के पूर्व इंसेफेलाइटिस की त्रासदी के कारण गोरखपुर सहित पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में दहशत का माहौल रहता था। इंसेफेलाइटिस की बीमारी 1977 से चली आ रही थी। पर इस दौरान दूसरे दलों की सरकारों ने समाधान पर ध्यान नहीं दिया। इंसेफेलाइटिस को लेकर उन सरकारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सांसद के रूप में इंसेफेलाइटिस के समाधान के लिए सदन से सड़क तक लड़ाई लड़ी और जब मुख्यमंत्री बने तो समाधान करके दिखा भी दिया। उन्होंने कहा कि अब मासूम बच्चे इंसेफेलाइटिस की चपेट में आकर दम नहीं तोड़ते।
गोरखपुर के विकास की खूब की चर्चा
लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद हुए गोरखपुर के विकास की खूब चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले यहां न बिजली आती थी और न ही अच्छी सड़कें थी। मरीजों के लिए इलाज और नौजवानों के लिए नौकरी का अभाव था। जबकि अब भरपूर बिजली आ रही है। सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित फोरलेन सड़कों का जाल बिछ चुका है। स्मार्ट सड़कों के साथ ऑटो मोड में ट्रैफिक, स्वच्छता आदि की निगरानी हो रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी सेवा मिल रही है, गोरखपुर में एम्स भी खुल चुका है। खाद कारखाना फिर से चल रहा है। चार विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। बाढ़ की समस्या का समाधान हुआ है। 2017 के पहले बदहाल रामगढ़ताल अब फिल्मों की शूटिंग का केंद्र बन रहा है। गोरखपुर पर्यटन के एक नए हब के रूप में पहचान बना रहा है। सीएम योगी ने गोड़धोइया नाला परियोजना का भी उल्लेख किया। कहा कि इस नाला परियोजना से अब शहर के उत्तर में जलजमाव से मुक्ति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नौजवान को नौकरी भी मिल रही है तथा बेटी और व्यापारी की सुरक्षा पर भी संकट नहीं है। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री याेगी का स्वागत किया।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, जिला पंचायत की प्रशासक साधना सिंह, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, श्रीराम चौहान, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, नगर निगम की उपसभापति पूनम सिंह, जीडीए बोर्ड के सदस्य राधेश्याम श्रीवास्तव, पवन त्रिपाठी, दुर्गेश बजाज, भाजपा के महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया।
सीएम ने फीता काटकर किया कल्याण मंडपम का लोकार्पण
मंचीय कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर कल्याण मंडपम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंडपम का भ्रमण और निरीक्षण कर यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की जानकारी ली। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने उन्हें मंडपम की विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम के परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है कल्याण मंडपम
बशारतपुर कल्याण मंडपम का निर्माण 2593 वर्गमीटर भूमि पर 3.10 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक वास्तुकला से सुसज्जित कल्याण मंडपम दो तल में निर्मित है। यहां 300 से 500 लोगों की क्षमता के आयोजन हो सकेंगे। भूतल पर हाल, किचन, स्टोर, ऑफिस, चेंज रूम और महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाए गए हैं। प्रथम तल पर एक हाल, अटैच्ड टॉयलेट और ड्रेसिंग रूम सहित छह कमरों का निर्माण कराया गया है। परिसर में मुख्य भवन के सामने एक आकर्षक फव्वारा भी बनवाया गया है। कल्याण मंडपम आने वाले वाहनों के लिए परिसर के अंदर ही इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर अलग से पर्याप्त पार्किंग का प्रावधान किया गया है। परिसर में लॉन भी विकसित किया गया है और फूल पौधे लगाकर सजाया गया है। कल्याण मंडपम बनाने का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को विवाह, तिलक, मुंडन और अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किफायती दरों पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इन विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण
-बशारतपुर कल्याण मंडपम (जीडीए), लागत 3 करोड़ 10 लाख रुपये।
-जीडीए की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में पार्क निर्माण, सड़क व नाली निर्माण और लाइटिंग के 14 कार्य, लागत 7 करोड़ 74 लाख 33 हजार रुपये।
-नगर निगम की तरफ से विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन विस्तार, नलकूप स्थापना और इंडिया मार्क-टू हैंडपंपों की रीबोरिंग के 29 कार्य, लागत 39 करोड़ 90 लाख रुपये।
-नगर निगम की तरफ से बाढ़ और जलभराव से राहत के लिए बाढ़ पंपिंग स्टेशनों की क्षमता वृद्धि एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य, लागत 30 करोड़ 9 लाख रुपये।
इन विकास कार्यों का हुआ शिलान्यास
-जीडीए की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में कराए जाने वाले पार्क सुंदरीकरण, सीसीटीवी कैमरा स्थापना सहित कुल 15 कार्य, लागत 2 करोड़ 74 लाख 68 हजार रुपये।
-नगर निगम की तरफ से 11.92 करोड़ रुपये से 41 सड़कों और नालियों का निर्माण, लागत 11 करोड़ 92 लाख रुपये।
-नगर निगम की तरफ से 47 पार्कों का सुंदरीकरण, लागत 7 करोड़ 60 लाख रुपये।
-नगर निगम की तरफ से नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर में कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन, लागत 5 करोड़ 7 लाख रुपये।
-नगर निगम की तरफ से पथ प्रकाश के 7 कार्य, लागत 5 करोड़ 57 लाख रुपये।
-नगर निगम की तरफ से पेयजल व जलभराव की समस्या को दूर करने के 13 कार्य, लागत 16 करोड़ 99 लाख रुपये।
