देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण के बाद उत्तराखंड के विकास और युवाओं के लिए आयोग बनाने सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि सरकार विकास, रोजगार, पर्यटन, कनेक्टिविटी और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है। युवाओं को उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार देने वाला बनाने पर सरकार का विशेष जोर है।
परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुई। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गाया गया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया और फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री धामी ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस जवानों के प्रति आभार जताया तथा उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों और आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने हाल में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। राहत एवं बचाव कार्यों के साथ क्षतिग्रस्त सड़क, पुल, पेयजल और विद्युत लाइनों को जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
धामी ने कहा कि वर्ष 2026 कई दृष्टियों से ऐतिहासिक है। देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इसके अलावा संत रविदास की 650वीं जयंती और गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष का भी स्मरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है और बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा उत्पादन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विज्ञान, अनुसंधान, स्टार्टअप और खेल समेत विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये और परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की राशि 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे तथा विभिन्न बांध एवं रोपवे परियोजनाओं पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है, जबकि इस वर्ष कांवड़ मेले में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। उन्होंने आगामी वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ में नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन के साथ वेलनेस, साहसिक पर्यटन, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उभर रहा है। युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ के तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11 और 12 के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग देने की घोषणा का उल्लेख किया। पहले चरण में 10 हजार विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और इसके लिए सात करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड की खेल क्षेत्र में पहचान मजबूत हुई है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीते हैं। उन्होंने घोषणा की कि स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी तथा महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी काम किया जा रहा है।
धामी ने कहा कि प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण तथा किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण और कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की गई है और देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले एक वर्ष में राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए और स्टार्टअप की संख्या बढ़कर करीब 1,750 हो गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय ले चुकी है। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार के लिए केवल राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विकसित और श्रेष्ठ उत्तराखंड के निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार इसे पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया और फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 14 पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया। इनमें 7 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा के आधार पर एवं 6 को विशिष्ट कार्यों के आधार पर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री की सात घोषणाएं-
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी सात घोषणाएं कीं-
1. चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।
2. प्रदेश में प्रथम युवा आयोग की स्थापना की जाएगी।
3. सीमावर्ती गांवों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
4. वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाकर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।
5. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यांश 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
6. 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों के सहयोग से नि:शुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा और उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
7. प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, शासन के सचिव, जिलाधिकारी आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
