CM Dhami

धामी बोले- हिमालयी राज्य आपसी सहयोग से बनाएं मजबूत नीति, साझा चुनौतियों पर हो समन्वित रणनीति

47 0

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हिमालयी राज्यों से समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक में हिमालयी राज्यों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने, साझा चुनौतियों के समाधान और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए समेकित रणनीति तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री धामी (CM Dhami) ने कहा कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक, पर्यावरणीय और सामाजिक परिस्थितियां काफी हद तक समान हैं। ऐसे में आपसी सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान से प्रभावी नीति निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य हुए हैं, उनका अध्ययन कर बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में अपनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इकॉनोमी और ईकोलॉजी के बीच संतुलन बनाते हुए मानव जीवन स्तर को बेहतर करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। उत्तराखंड प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। हिमालय और औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण के क्षेत्र में राज्य में अपार संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहे संस्थानों का सहयोग लिया जाए। साथ ही विशेषज्ञों के साथ समय-समय पर विचार गोष्ठियां और बैठकें आयोजित की जाएं।

बैठक में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर तेजी से अमल किया जाएगा।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि हिमालयी राज्यों की चुनौतियों के समाधान के लिए एकीकृत रूप से कार्य करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमालय के संरक्षण और संवर्धन के लिए राष्ट्रीय संस्थानों का नियमित सहयोग भी लिया जाएगा।

परिषद के सदस्य एवं विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि हिमालय और मध्य हिमालय क्षेत्र की अद्यतन वैज्ञानिक एवं पारिस्थितिकी स्थिति का अध्ययन जरूरी है। हिमालयी नदियों के जल स्तर और प्रवाह का आंकलन भी किया जाना चाहिए।

पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी ने कहा कि हिमालयी राज्यों को संगठित होकर हिमालयी संसाधनों और लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्रयास करने होंगे। आचार्य डॉ. प्रशांत ने हिमालयी राज्यों के लिए संयुक्त टास्क फोर्स गठित करने का सुझाव दिया।

डॉ. जी.एस. रावत ने प्रकृति और संस्कृति संरक्षण पर जोर दिया, जबकि पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने कहा कि बुग्यालों का संरक्षण बेहद जरूरी है और जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में राज्य में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Post

cm dhami

चमोली हादसे के प्रकरण में सीएम धामी का एक्शन, इन अधिकारियों पर गिरी गाज

Posted by - July 21, 2023 0
देहारादून। चमोली हादसे के प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई  है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…
परवेज मुशर्रफ को फांसी की सजा

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को फांसी की सजा का एलान

Posted by - December 17, 2019 0
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुर्शरफ को इस्लामाबाद की विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई गई है।…
Winter Session

यूपी विधान सभा शीतकालीन सत्र: सदन में मुलायम सिंह को दी गयी श्रद्धांजलि

Posted by - December 5, 2022 0
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के शीतकालीन सत्र (Winter Session) के पहली दिन सदन की कार्यवाही शुरु होते ही मुख्यमंत्री…

भाजपा के खाते में गया 2019-20 में बेचे गए इलेक्‍टोरल बांड्स का 76% हिस्‍सा, मिले 2555 करोड़

Posted by - August 10, 2021 0
वित्‍तीय वर्ष 2019-20 में बेचे गए इलेक्‍टोरल बांड्स का 76% हिस्‍सा भारतीय जनता पार्टी के खाते में गया है। कुल 3,355…