चुनाव नहीं लड़ेंगे, पर देंगे वोट की चोट, सरकार का इलाज हो कर रहेगा- टिकैत ने किया बड़ा एलान

25 0

मोदी सरकार के तीनों विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे भाकियू नेता राकेश टिकैत ने बड़ा एलान किया है। उन्होंने एक बार फिर सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन सरकार को वोट की चोट देंगे।राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन को और तेज करने के लिए पांच सितंबर को एक बड़ी पंचायत करेंगे।

किसान नेता ने कहा- हमने वोट दिया, सरकार बनाई, लेकिन वे हमारी बात नहीं मान रहे। जिसे जहां से दवाई मिलती है, उसे वहीं से दवाई दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार बातचीत करना चाहती है तो हम तैयार हैं। 22 तारीख से हमारा दिल्ली जाने का कार्यक्रम रहेगा।

इस पोस्टर में संसद भवन की फोटो लगाई गई है, साथ ही एक ओर गेंहू की बालियां भी दिखाई गई है। उसके नीचे बैकग्राउंड में किसानों का विरोध प्रदर्शन करते हुए फोटो भी लगाया गया है। इसी पोस्टर में प्रदर्शन की तारीख 22 जुलाई लिखी गई है, सबसे नीचे हैशटैग करते हुए किसानों का संसद भवन पर प्रदर्शन लिखा गया है।

पंजाब मेरे काम और विजन की पहचान सिर्फ AAP ने पहचाना, सिद्धू के इस बयान ने बढ़ाया सियासी पारा

इससे पहले राकेश टिकैट ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा और अहम बयान दिया है। एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने यूपी में चुनाव लड़ने को लेकर कहा है- ‘हम चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन वोट की चोट देंगे।’ बता दें कि टिकैत ने यूपी में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। दूसरी बार राष्ट्रीय लोकदल से चुनाव लड़े थे, मगर दोनों बार उनकी जमानत जब्त हो गई थी। मालूम हो कि साल 2022 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसको लेकर उन्होंने कहा कि साफ कहा कि वह विधानसभा में चुनाव तो नहीं लड़ेंगे, लेकिन वोट की चोट सरकार को जरूर देंगे।

Divyansh Singh

मिट्टी का तन, मस्ती का मन; छड़ भर जीवन, मेरा परिचय।

Related Post

vidhan abha march

पटना: तीनों कृषि कानून को रद्द करने की मांग को लेकर मजदूर सभा का विधानसभा मार्च

Posted by - March 24, 2021 0
पटना। तीनों कृषि विरोधी कानून  (Agricultural Laws)  को रद्द करने, फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदारी की कानूनी गारंटी…
CAA पर बोले नसीरुद्दीन शाह

CAA पर बोले नसीरुद्दीन शाह- दीपिका पादुकोण साहसी, अनुपम खेर मसखरे

Posted by - January 22, 2020 0
नई दिल्‍ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस में पिछले साल दिसंबर में हिंसा हुई थी, इसके बाद प्रदर्शन कर रहे…