चन्द्रयान-2 : इसरो के इतिहास में पहली बार दो महिला वैज्ञानिकों के हाथ में थी कमान

1063 0

लखनऊ डेस्क। इसरो के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी अंतरिक्ष मिशन की कमान दो महिला वैज्ञानिकों के हाथों में थी। इसमें वनिता मुथैया चन्द्रयान-2 मिशन में प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं। दूसरी वैज्ञानिक रितु करिढाल मिशन डायरेक्टर के रूप में इस मिशन पर काम कर रही थी। कुछ और महिला वैज्ञानिक भी हैं जिन्होंने इस मिशन के जरिए सफलता का आसमान छुआ है।

ये भी पढ़ें :-चंद्रयान-2: ‘तारों ने मुझे हमेशा अपनी ओर आकर्षित किया- रितु करिधाल 

आपको बता दें वनिता मुथैया चंद्रयान मिशन की परियोजना निदेशक हैं।वहीँ रितु करिधाल चंद्रयान-2 में मिशन डायरेक्टर हैं। वह मंगलयान में डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर रही थीं। सोमसुंदरम ने मंगलयान मिशन में भी बड़ा योगदान दिया।

ये भी पढ़ें :-70 की उम्र में ऐसी दिखेंगी ये महिलाएं, सोशल मीडिया पर शेयर की फोटो 

जानकारी के मुताबिक अनुराधा इसरो की महिला वैज्ञानिकों में सबसे वरिष्ठ हैं। उन्होंने 1982 में एजेंसी ज्वाइन की थी। वह पहली महिला उपग्रह परियोजना निदेशक हैं। अनुराधा अभी यूआर राव अंतरिक्ष केंद्र में जियोसैट प्रोग्राम डायरेक्टर हैं। वह जियो सैटेलाइट की लाचिंग से जुड़े कार्यों की देखरेख करती हैं। उनकी उम्र लगभग 9 साल रही होगी, जब उन्होंने यह जाना कि चंद्रमा पर पहुंचने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग थे।

 

Related Post

साइरस मिस्त्री

साइरस मिस्त्री दोबारा टाटा संस का नहीं बन सकेंगे एक्ज़ीक्यूटिव चेयरमैन

Posted by - January 10, 2020 0
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को साइरस मिस्त्री को दोबारा टाटा संस का एक्ज़ीक्यूटिव चेयरमैन बनाने के एनसीएलएटी के…