सीबीआइ को मिली आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी तथा संदीप तिवारी की सात दिन की कस्टडी

86 0

प्रयागराज अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत के मामले में जेल में बंद उनके शिष्य आनंद गिरि, पुजारी आद्या प्रसाद और संदीप तिवारी को रिमांड पर लेने की अर्जी सीजेएम कोर्ट ने सोमवार को स्वीकार कर लिया। आरोपियों को सात दिन की रिमांड पर देने का आदेश दिया है। रिमांड की समयावधि मंगलवार की सुबह नौ बजे से चार अक्तूबर को सायं पांच बजे तक है।
सीबीआई को पूछताछ के लिए सात दिन का समय दिया गया है। मामले में सीजेएम कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। जिस पर सीजेएम कोर्ट ने अपनी स्वीकृति दी। हालांकि,  जेल में बंद तीनों आरोपियों के वकील ने इसका विरोध किया था।

बता दें कि सीबीआई ने नरेंद्र गिरी की मौत के मामले की जांच तीन दिन पहले ही शुरू की है। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच के लिए तीनों आरोपियों से पूछताछ बहुत जरूरी है। महंत ने अपनी मौत से पहले कथित सोसाइड नोट में इन तीनों ही आरोपियों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था।
साथ ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। लिहाजा, पूछताछ में कुछ अहम तथ्य सामने आ सकते है। हालांकि आरोपियों के वकील ने इसका विरोध किया और कहा कि यह सीबीआई के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। सीबीआई ने तीनों आरोपियों को 10 दिन के रिमांड पर लेने की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने सात ही दिन के रिमांड मंजूर की है। इससे जांच में और गति आएगी। अब सीबीआई आरोपियों को हरिद्वार ले जाकर पूछताछ करेगी।
सीबीआई ने 13 लोगों से की पूछताछ
महंत नरेंद्र गिरि खुदकुशी प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई टीम ने दूसरे दिन पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया। रविवार को बाघंबरी मठ और हनुमान मंदिर से जुड़े 13 लोगों से पूछताछ की गई। इसमें महंत के शिष्य बलवीर पुरी और अमर गिरि के अलावा तमाम सेवादार शामिल थे। टीम मठ में सुबह 11 बजे पहुंच गई थी। शाम को टीम के कुछ लोग बंधवा स्थित लेटे हनुमान मंदिर भी गए। टीम देर रात तक मठ में सुबूत खंगालती रही। देर रात महंत के निजी कमरे की गहन तलाशी ली गई। बताया जाता है कि जेल में बंद आरोपी आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी से पूछताछ के लिए कोर्ट में रिमांड के लिए अर्जी डाली गई है।

उत्तराधिकार-वसीयत के बारे में हुई पूछताछ
सीबीआई टीम ने सबसे पहले बलवीर पुरी से पूछताछ की थी। उनसे उत्तराधिकार, वसीयत के बारे में बात की गई। पूछा गया कि वह आखिरी बार महंत नरेंद्र गिरी से कब मिले? आखिरी बार महंत से उनकी क्या बात हुई थी? आनंद गिरि के साथ उनके रिश्ते कैसे थे? क्या ब्लैकमेलिंग वाली बात कभी महंत ने उनसे बताई थी? इन सब सवालों को लेकर बलवीर पुरी से बात की गई। खुदकुशी प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने वाले अमर गिरि से भी सीबीआई ने पूछताछ की।

सुसाइड नोट के हस्ताक्षर का मिलान कर रहे एक्सपर्ट

सीबीआइ ने उस सुसाइड नोट को भी अपने कब्जे में लिया है, जो महंत नरेन्द्र गिरि का बताया जा रहा है। मठ के लेटर पैड पर लिखे गए सुसाइड नोट को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे थे। अब सीबीआइ टीम राइटिंग एक्सपर्ट के जरिए महंत के हस्ताक्षर का मिलान करवा रही है। अगर हस्ताक्षर में कोई फर्क मिलता तो उसके आधार पर आगे कदम बढ़ाएगी। इसके साथ ही उन शब्दों का भी मिलान करवाया जा रहा है, जिनका उल्लेख एक से अधिक बार हुआ है। सुसाइड नोट की असलियत का पता लगाने के लिए राइटिंग एक्सपर्ट के साथ ही तकनीक की भी मदद ली जा रही है।

 

Related Post

जिस मंदिर में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक वहां साधु पर धारदार हथियार से हुआ हमला

Posted by - August 10, 2021 0
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित डासना देवी मंदिर में कुछ अज्ञात लोगों ने स्वामी नरेश आनंद सरस्वती पर जानलेवा…

सीएम योगी के साढ़े चार साल में 8472 एनकाउंटर, 3302 अपराधियों को गोली मारकर गिराया

Posted by - August 14, 2021 0
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लंबे समय से राज्य में आपराधिक गतिविधियों के कम होने का दावा करती आ रही…