भाजपा की चुप्पी पर छलका चिराग का दर्द, कहा- चाचा-भाई ने धोखा दिया तो दूसरों से क्या उम्मीद करें

692 0

लोजपा के भीतर सियासी संकट को लेकर इस वक्त चिराग पासवान चिंतित हैं, उन्होंने अपने प्रति भाजपा की बेरुखी पर निराशा जाहिर की है। मुजफ्फरपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- जब अपने ही चाचा और भाई ने धोखा दे दिया तो औरों से क्या उम्मीद की करें। चिराग ने इसदौरान दावा किया कि जल्द ही बिहार में सरकार गिरेगी और मध्यवधि चुनाव होंगे, भाजपा-जदयू के भीतर आंतरिक कलह जल्द बाहर आएगी।

चिराग ने सीएम नीतीश को पीएम पद के लिए महत्वकांक्षी बताते हुए कहा- जब केंद्र सरकार पेगासस पर चुप है तो ये जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा- नीतीश कुमार भाजपा के एजेंडे के बिल्कुल विपरीत चल रहे हैं ऐसे में उनकी चालाकी इस सरकार को गिराएगी और दोबारा चुनाव होगा।

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के साथ उनके पिता रामविलास पासवान और वह हमेशा चट्टान की तरह खड़े रहे। लेकिन जब इस मुश्किल वक्त के दौरान उनके हस्तक्षेप की उम्मीद थी, तो भाजपा साथ नहीं थी। चिराग ने रेखांकित किया की पीएम मोदी पर उनका भरोसा कायम है। उन्होंने कहा, अगर आपको घेरा जाता, धक्का दिया जाता है या कोई निर्णय लेने के लिए मजबूर किया जाता है तो पार्टी सभी संभावनाओं पर विचार करेगी। लोजपा को अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में इस आधार पर फैसला लेना होगा कि कौन इसके साथ खड़ा था और कौन नहीं।

चिराग ने कहा कि नीतीश ने राज्यसभा नामांकन के लिए मदद मांगने तक को हमें मजबूर किया। इस बात से ताज्जुब होता है कि कैसे पार्टी से निष्कासित सांसद ऐसे व्यक्ति के साथ खड़े हो सकते हैं जिन्होंने रामविलास को ही नहीं बल्कि बिहार की जनता को धोखा दिया। नीतीश यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि कोई दलित राजनीति में आगे बढ़े।

चिदंबरम का मोदी सरकार पर हमला, कहा- कोर्ट में भी अपनी विचारधारा के जज चाहते हैं

उन्होंने कहा कि जदयू ने हमेशा लोजपा को तोड़ने की कोशिश की। चिराग ने कहा कि संघर्ष के दिनों में नीतीश कुमार ने मुझे और मेरे पिता को अपमानित किया। लेकिन, रामविलास कभी नहीं झुके। लोकसभा चुनाव के दौरान लोजपा के छह सांसदों को हराने में जदयू ने कोई कसर नहीं छोड़ी। चिराग ने कहा कि अगर पशुपति कहते तो मैं उनका नाम मंत्री बनने के लिए लोजपा की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखता। चिराग ने कहा कि अगर पशुपति कहते तो मैं उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समक्ष रखता। लेकिन चाचा ने मुझे धोखा दिया। भाई और पार्टी के अन्य सांसदों ने मेरी पीठ में खंजर घोपने का काम किया है।

Related Post

Stock market

कोरोना का शेयर मार्केट में कोहराम, छह दिनों में निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपये डूबे

Posted by - February 29, 2020 0
नई दिल्ली। कोरोनावायरस के चलते दुनिया भर के बाजारों में कोहराम मचा हुआ है। इससे भारतीय शेयर बाजार भी अछूते…
E-Transport

बांधों और नदियों की डीसिल्टिंग और तराई की नदियों को चैनलाइज कराएं : सीएम योगी

Posted by - August 12, 2024 0
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने सोमवार को केन बेतवा लिंक परियोजना की समीक्षा की। इस दौरान सिंचाई एवं…
AK Sharma

रिश्वत मांगने पर ऊर्जा मंत्री का सख्त रुख, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

Posted by - January 22, 2026 0
लखनऊ: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए. के. शर्मा (AK Sharma) ने आज लखनऊ स्थित अपने आवास पर जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित…