अर्चना बहुगुणा

अर्चना बहुगुणा का संकल्प केदारघाटी में बना आशा की किरण, कर रही हैं ये बड़ा काम

1427 0

 

रुद्रप्रयाग। केदारघाटी की अर्चना बहुगुणा ने 35 बच्चों को गोद लेकर अपनी संस्कृति, थाती व माटी की सोंधी महक से रूबरू कराने का संकल्प साधे हैं। केदारघाटी के खुमेरा देवीधार में अर्चना बहुगुणा की ओर से स्पेस फॉर नर्चरिंग क्रिएटिविटी संस्थान के तहत श्यामा वन संचालित कर रहीं हैं, जिसमें बच्चों की अठखेलियां, मस्ती, मुस्कुराहट और शालीनता देखी जा सकती है। इस संस्थान में चार साल के बच्चे के साथ ही 20 वर्षीय बेटियां भी मिल जाएंगी, जो पौराणिक संस्कृति, अनुशासन और प्राकृतिक संसाधनों के बीच में अपना जीवन गुजार रहे हैं।

श्यामा वन में पढ़ रहे इन नन्हें मुन्नें बच्चों का ज्ञान इतना तेज है कि वह कालीमठ की महिमा भी जानते हैं, तो मुगलकालीन इतिहास का भी बखूबी ज्ञान है। श्यामा वन में रह रहे यह बच्चे प्रत्येक दिन मेडिटेशन कराया जाता है और एक दूसरे को शिक्षा देकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी कर रहे हैं।

2जी सेवाओं को ‘इतिहास का हिस्सा’ बनाने की जरूरत : मुकेश अंबानी

देश के विभिन्न राज्यों से आये बच्चे इस गुरुकुल में व्यक्तित्व विकास के साथ दुनियादारी की सच्चाईयों से रूबरू हो रहे हैं। बगैर किसी सरकार मदद के अपने निजी संसाधनों से अर्चना बहुगुणा श्यामा वन का संचालन कर रही हैं। समाज हित में धन का उपयोग कैसे किया जा सकता है? यह श्यामा वन में आकर समझा जा सकता है।

स्पेस फॉर नर्चरिंग क्रिएटिविटी संस्थान की संस्थापक अर्चना बहुगुणा ने बताया कि श्यामा वन में बच्चों से लेकर युवावस्था के लोग रहते हैं। इन्हें सामाजिक माहौल देने के साथ ही सभी प्रकार की गतिविधियों से रूबरू करवाया जाता है। यहां रह रहे बच्चे और युवा अपनी इच्छानुसार ही पठन-पाठन संगीत का ज्ञान लेते हैं। साथ ही कृषि का कार्य भी करते हैं। इसके अलावा स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाते भी हैं और आपदा के दौर में लोगों की मदद को भी आगे आते हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी सरकारी मदद के ही ये युवा सभी कार्यों को अंजाम देते हैं।

युवाओं के नेतृत्व विकास को लेकर चलाया जाता है एक वर्षीय कोर्स

स्पेस फॉर नर्चरिंग क्रिएटिविटी संस्थान में बच्चों के लिए सृजन निकेतन कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है, जिसके तहत बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के हर पहलू पर कार्य किया जाता है। इसके अन्तर्गत बच्चों को विषयगत अध्ययन की प्रयोगात्मक शिक्षा के अलावा योग, संगीत, कृषि, कला क्राफ्ट सहित कई प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से शिक्षण दिया जा रहा है। केंद्र पर चलने वाले सृजन कोर्स के तहत युवाओं के नेतृत्व विकास को लेकर एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है। इस कोर्स के तहत युवाओं के सवालों पर बातचीत करना व उन्हें किसी हुनर में दक्ष किया जाता है। कोर्स से निकले दर्जन भर युवा समाज में स्थानीय स्तर से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में सेवा कार्य कर रहे हैं।

12 प्राथमिक विद्यालयों में चल रहा है यह शिक्षण कार्यक्रम

स्पेस फॉर नर्चरिंग क्रिएटिविटी संस्थान द्वारा केदारनाथ आपदा के बाद से प्राथमिक विद्यालयों के साथ शिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान में स्थानीय 12 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के साथ शिक्षण गतिविधियों को लेकर समय-समय पर संवाद गोष्ठियां आयोजित की जाती हैं। इसके साथ ही इन्हीं विद्यालय के बच्चों के साथ रचनात्मक शिक्षण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। विद्यालयों में बड़े स्तर पर शिक्षक प्रशिक्षण, बाल मेला आयोजन, बच्चों का शैक्षिक भ्रमण व गांव की पौराणिक जानकारियों पर कार्य कर बच्चों की पुस्तक संपादन का कार्य भी कर रहा है।

कोरोना महामारी में मजदूरों काे पहुंचाई राहत सामग्री

स्थानीय स्तर से लेकर देशव्यापी आपदाओं में स्पेस फॉर नर्चरिंग क्रिएटिविटी संस्थान ने बड़े पैमाने पर कार्य किया है। वर्तमान में कोरोना महामारी में प्रवासियों को खाद्य सामग्री मुहै ̧या करवाने के अलावा बच्चों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाई गई। केदारनाथ आपदा में रेस्क्यू और राहत से लेकर पुनर्वास कार्य किया।

कोविड-19 के दौरान सोनप्रयाग से गुप्तकाशी के बीच फंसे 1200 प्रवासी मजदूरों की मदद

ऊखीमठ आपदा के दौरान राहत सामग्री वितरित करना व केरल आपदा के समय सर्वे और राहत वितरण कार्य बड़े स्तर पर किया गया। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान संस्थान की ओर से सोनप्रयाग से गुप्तकाशी के बीच फंसे 1200 प्रवासी मजदूरों को एक माह की भोजन सामग्री उपलब्ध कराने के अलावा रोजमर्रा की आवश्यक चीजें भी उपलब्ध कराई गईं। स्थानीय 12 गांवों के जो बच्चे प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, उन्हें अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई। इन्हीं गांवों में बच्चों के अध्ययन में सहयोग के लिए गांव के ही युवक युवतियों को जिम्मदारी दी गई। इस पहल के लिए के एसएनसी कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा सहयोग रहा। ग्राम प्रधानों व ग्रामीणों ने इस जिम्मेदारी को अपने स्तर पर ही करने का फैसला लिया।

स्पेस फॉर नर्चरिंग क्रिएटिविटी संस्थान ने आजीविका संवर्द्धन की नई मिसाल

स्पेस फॉर नर्चरिंग क्रिएटिविटी संस्थान क्षेत्र में आजीविका संवर्द्धन की नई मिसाल पेश कर रहा है, जिससे पलायन जैसी विकट समस्या का निराकरण हो सके। केदारनाथ पूजा-प्रसाद के लिए जूट बैग तैयार कर प्लास्टिक उन्मूलन व महिलाओं की आजीविका बढ़ाने का लक्ष्य लेकर संस्थान ने बड़ा संदेश घाटी को दिया।

Related Post

प्रियंका गांधी

प्रियंका ने मोदी सरकार पर बोला हमला- बीजेपी ने जेब काटकर पेट पर मारी दी लात

Posted by - January 14, 2020 0
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और मंहगाई को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रही है। वहीं…
Mehbooba Mufti

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED के समक्ष पेश हुईं महबूबा मुफ्ती

Posted by - March 25, 2021 0
श्रीनगर । पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में स्थानीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में पेश…
CM Vishnu Dev Sai

अमित शाह की बैठक से पहले सीएम ने की पुलिस विभाग की समीक्षा, नक्सल ऑपरेशन की ली जानकारी

Posted by - August 21, 2024 0
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ आगमन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnudev Sai) बुधवार को पुलिस…

7th CPC News: केंद्रीय कर्मचारियों को मिला बंपर तोहफा- DA के बाद अब TA को लेकर आया बड़ा अपडेट

Posted by - June 21, 2021 0
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी है. सरकार ने करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है।…