AIMPLB

अयोध्या में पुनर्विचार याचिका को लेकर AIMPLB का मंथन शुरू, बड़ा एलान संभव

789 0

लखनऊ। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाएगी। इस पर मुस्लिम पक्षकारों ने सहमति दे दी है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की रविवार को हो रही बैठक में बड़ा एलान हो सकता है।

अयोध्या मामले पर मुस्लिम समुदाय की सर्वोच्च संस्था AIMPLB के चेयरमैन मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी की अध्यक्षता में कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक हो रही है। इसमें फैसले के खिलाफ रिव्यू दाखिल करने समेत अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

पहले यह बैठक नदवा कॉलेज में होनी थी, लेकिन सभी सदस्य को जमा होने के बाद अचानक आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड ने मीटिंग की जगह बदल दी। अब नदवा नहीं मुमताज पीजी कॉलेज में बैठक हो रही है। जिस पर यूपी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा ने सवाल उठाया है।

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी AIMPLB की बैठक में पहुंचे

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी AIMPLB की बैठक में शामिल होने पहुंच गए हैं, उनके अलावा डॉ आसमा ज़हरा, महिला विंग की संयोजक भी पहुंच गई हैं। बोर्ड के पदाधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद की पैरोकारी कर रहे मुस्लिम पक्षकारों को शनिवार को नदवा बुलाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर विचार-विमर्श किया। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस पर असहमति जताते हुए रिव्यू दाखिल करने की घोषणा की थी।

उन्नाव जमीन अधिग्रहण मामला, भड़के किसानों ने पावर हाउस में लगाई आग 

इकबाल अंसारी का पुनर्विचार याचिका से साफ इंकार

AIMPLB  की बैठक में बाबरी मामले के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमने फैसला स्वीकार कर लिया है। अब आगे नहीं जाना चाहते। उन्होंने कहा कि हम भारत के मुसलमान हैं और संविधान मानते है। अयोध्या मुद्दा बेहद अहम था अब इसे आगे नहीं बढ़ाएंगे। हम चाहते हैं कि मामले को यहीं पर खत्म कर दिया जाए।

इकबाल अंसारी बोले, जितना मेरा मकसद था उतना मैंने किया। घर अल्लाह का है। अल्लाह ही मालिक है। कोर्ट ने फैसला दे दिया उसे मान लेना चाहिए। अयोध्या समेत पूरे देश में शांति का माहौल बना रहे और देश तरक्की करे। हम यही चाहते हैं और अब पुनर्विचार याचिका नहीं दाखिल करेंगे। फैसले पर लोगों की अलग-अलग राय पर इकबाल अंसारी ने कहा कि पक्षकार ज्यादा हैं। कौन क्या कर रहा है ये मुझे नहीं मालूम लेकिन मैं अब पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करूंगा।

अयोध्या के संत बोले, पुनर्विचार याचिका बेमतलब

AIMPLB की बैठक पर राम जन्मभूमि के पक्षकार व पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का कोई भी औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जफरयाब जिलानी की दुकान बंद हो रही है इसलिए वह इस मामले को खींचना चाहते हैं। सत्येंद्र दास ने कहा कि आम मुसलमान फैसले से खुश है। सुप्रीम कोर्ट से जो फैसला हो चुका है वही होगा।

एक अन्य पक्षकार धर्मदास का कहना है कि कानून के हिसाब से सभी व्यक्ति स्वतंत्र हैं। हम चाहते हैं कि सभी लोग राम का समर्थन करें और राम के मंदिर के प्रति आस्था व्यक्त करें। इकबाल अंसारी अयोध्या के मुख्य पक्षकार हैं और वह कहते हैं कि हमें याचिका दाखिल नहीं करना है तो उनका स्वागत है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे दिया है। हमें इसका आदर करना चाहिए।

Related Post

बीजेपी सांसद गंभीर ने रिपोर्ट कार्ड पेश कर थपथपाई अपनी पीठ

Posted by - July 26, 2021 0
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद गौतम गंभीर (Gauram Gambhir) ने पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में अपने कार्यकाल के दूसरे वर्ष…
CM Dhami

अब जो भी गोली आतंकियों की तरफ से चलेगी, उसका जवाब गोलों से दिया जाएगा: धामी

Posted by - June 6, 2025 0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने शुक्रवार को थराली के चेपड़ों गांव में अशोक चक्र विजेता शहीद भवानी…
शत्रुघ्न सिन्हा की सफाई

लोकसभा चुनाव 2019: मोहम्मद अली जिन्ना को लेकर सिन्हा की फिसली जुबान, दी सफाई

Posted by - April 27, 2019 0
छिंदवाड़ा। कांग्रेस के टिकट पर बिहार के पटना साहिब से चुनाव लड़ रहे शत्रुघ्न सिन्हा ने मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा…