Allahabad High Court

न्यायालयों में अब लीगल की जगह ए-4 साइज कागज होगा प्रयोग

1201 0

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला दिया है। अब हाईकोर्ट व प्रदेश की सभी अदालतों व न्यायाधिकरणों में लीगल साइज की जगह केवल ए-4 साइज पेपर का ही प्रयोग होगा। इसको लागू करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने 155 साल पुराने हाई कोर्ट रूल्स, जनरल रूल्स सिविल व जनरल रूल्स क्रिमिनल में संशोधन कर दिया है। कोर्ट ने 29 मई 2021 को 1952 में बने इन नियमों में संशोधन कर ए-4 साइज पेपर लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह बदलाव इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि छात्रों द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

विधि छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक सार्वजनिक हित याचिका 665/2020 सौमित्र आनंद बनाम हाई कोर्ट एवं अन्य को अपने अधिवक्ता शाश्वत आनंद और अंकुर आजाद के माध्यम से दायर की थी। याचिका में उच्च न्यायालय, अधीनस्थ न्यायालयों एवं समस्त न्यायाधिकरणों में लीगल साइज (वाटर मार्क) कागज की जगह ए-4 साइज कागज, जिसमें छपाई दोनों तरफ हो सके, का प्रयोग करने का आग्रह किया था। तर्क दिया गया था कि इस बदलाव से पर्यावरण संरक्षण के साथ ही साथ अधिवक्ताओं व याचिकाकतार्ओं को आर्थिक बचत भी होगी।याचिका को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट में याचिका पर पहली सुनवाई 27/07/2020 को मुख्य न्यायाधीश (भूतपूर्व) गोविंद माथुर की अगुवाई वाली खंडपीठ ने की। अधिवक्ता शाश्वत आनंद व अंकुर आजाद के तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि याचीगण की तरफ से प्रमाण सहित विस्तृत प्रत्यावेदन इस न्यायालय की प्रशासनिक साइड में प्रस्तुत करना हितकर व समीचीन होगा, ताकि न्यायालय के सभी न्यायमूर्ति एक साथ बैठकर, फुल कोर्ट की मीटिंग (बैठक) में, यथोचित निर्णय ले सके।

उच्च न्यायालय के प्रशासनिक विंग के सामने अधिवक्ता शाश्वत आनंद व अंकुर आजाद ने अपने तर्क प्रस्तुत किए। उक्त के क्रम में उच्च न्यायालय ने 05/11/2020 को संपूर्ण कोर्ट की बैठक आहूत की। हालांकि हाईकोर्ट ने दोनों तरफ छपाई की मांग की जगह, एक तरफ की ही छपाई को स्वीकार करते हुए न्यायालयों में अ4 साइज पेपर के प्रयोग को स्वीकार कर लिया। इस तरह से उच्च न्यायालय में औपनिवेशिक काल से चली आ रही लीगल साइज (वाटर मार्क) पेपर के प्रयोग की परंपरा के युग का अंत हो गया, ए-4 साइज पेपर के प्रयोग के नए युग का आगाज हुआ। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने इस संदर्भ में हाईकोर्ट रूल्स, जनरल रूल्स, सिविल एवं जनरल रूर्ल्स क्रिमिनल में संशोधन किया।

ए- 4  साइज पेपर का सभी कामकाज में उपयोग निचली अदालतों में भी होगा। याचिकाकतार्ओं की मांग थी कि इस नियम को हाईकोर्ट सहित प्रदेश की सभी अदालतों व न्यायाधिकरणों में लागू किया जाय। हाईकोर्ट ने इस मांग को पांच नवंबर 2020 की बैठक में मान लिया था। अब इसके लिए जनरल रूल्स सिविल व जनरल रूल्स क्रमिनल में भी जल्द ही संशोधन होगा। इस बदलाव से सभी निचली अदालतों में भी ए-4 पेपर का प्रयोग हो सकेगा। शाश्वत ने बताया कि हाईकोर्ट और प्रदेश की निचली अदालतों में हर साल लाखों मुकदमे दायर होते हैं। इससे करोड़ों पेज पेपर लगता है। लीगल साइज की जगह अ4 साइज कागज के प्रयोग से करोड़ों रुपये बचेंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण भी होगा। अधिवक्ताओं को तो लाभ होगा ही साथ ही साथ वादकारियों को भी लाभ होगा।

शाश्वत ने हाईकोर्ट के सामने जो प्रत्यावेदन दिया था उसमें कहा गया था कि किस तरह एक पेज कागज बनाने में 10 लीटर पानी बर्बाद होता है। कागज बनाने के लिए हर साल करोड़ों पेड़ काट दिए जाते हैं। लीगल साइज पेपर पांच रुपये पर पेज व ए-4 साइज का एक रुपये ही पर पेज पड़ता है। फोटो स्टेट और कागज का बंडल में भी दोगुने दाम का अंतर है। इससे सभी अधिवक्ताओं व याचीगणों को भी काफी सहूलियत मिलेगी। शाश्वत ने बताया कि लीगल साइज की फाइल बल्की होती है जबकि ए4 साइज की फाइल लाइट और हैंडी होगी। इसका रखरखाव भी आासन होगा। स्पेस भी कम घेरेगी। हाईकोर्ट में इसे ढूंढने में भी काफी आसानी होगी। इन फाइलों को आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकेगा। कागज भी सुरक्षित रहेंगे।

Related Post

CM Yogi laid the foundation stone of the modern office building of the State Election Commission

उत्तर प्रदेश से ही है भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र : योगी आदित्यनाथ

Posted by - August 29, 2025 0
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने शुक्रवार को अवध विहार योजना में उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आधुनिक…

आलाकमान चाहता है येदियुरप्पा का इस्तीफा, लिंगायत मठीधीशों ने कहा- हटाया तो खत्म हो जाएगी भाजपा

Posted by - July 26, 2021 0
कर्नाटक में सियासी उठापटक जारी है, ऐसा कहा जा रहा कि सोमवार को सीएम बीएस येदियुरप्पा सीएम पद से इस्तीफा…