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योगी सरकार की पहल, आंबेडकर जयंती बनेगी सामाजिक न्याय और जनसशक्तीकरण का महापर्व

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस वर्ष आंबेडकर जयंती को अभूतपूर्व स्तर पर मनाने की तैयारी की गई है। योगी सरकार (Yogi Government) ने इसे केवल एक स्मृति दिवस न रखकर सामाजिक न्याय, जागरूकता और जनसंपर्क के व्यापक अभियान के रूप में परिवर्तित कर दिया है। प्रदेश के सभी जनपदों और विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें जनप्रतिनिधि सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनके अधिकारों, संविधान और समानता के मूल्यों की जानकारी देंगे। 

हजरतगंज स्थित आंबेडकर महासभा परिसर में होने वाला मुख्य कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बाबा साहब के अस्थिकलश पर पुष्पांजलि और बुद्ध वंदना के साथ होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। 

लोकतंत्र की जड़ों को मिलेगी मजबूती-

योगी सरकार की मंशा है कि बाबा साहब के विचार- समानता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाए। इसी दिशा में यूपी के प्रत्येक जिले में भारतीय जनता पार्टी के सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाकर उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करेंगे। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूती मिलेगी।

बाबा साहब की प्रतिमाओं पर लगाए जाएंगे छत्र-

योगी सरकार ने आंबेडकर जयंती से पहले एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में स्थापित बाबा साहब की प्रतिमाओं पर छत्र लगाए जाएंगे, साथ ही बाउंड्री वॉल और सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया जाएगा। इस निर्णय को ऐतिहासिक कदम बताते हुए डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि इससे दलित समाज और आंबेडकर अनुयायियों में खासा उत्साह है।

14 अप्रैल को प्रदेश नजर आयेगा आंबेडकरमय-

उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में भी विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विचार गोष्ठियां, भाषण, निबंध प्रतियोगिताएं और वाद-विवाद शामिल हैं, जिनके माध्यम से नई पीढ़ी को बाबा साहब के योगदान और उनके संघर्षों से परिचित कराया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल स्पष्ट करती है कि वह सामाजिक समरसता और जनभागीदारी को प्राथमिकता दे रही है। 14 अप्रैल को पूरा प्रदेश ‘आंबेडकरमय’ नजर आएगा।

बाबा साहब के योगदान पर होगी विशेष चर्चा-

वहीं समाज कल्याण विभाग के सभी कार्यालयों, विद्यालयों, छात्रावासों और संस्थाओं में भी आयोजन होंगे। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। इनमें बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण, विचार गोष्ठियां, निबंध, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उनके जीवन, शिक्षाओं और संविधान निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी।

मूर्ति विकास योजना को मिल चुकी है मंजूरी-

सीएम योगी (CM Yogi) की अध्यक्षता में कैबिनेट डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना को मंजूरी दे चुकी है, जिसके तहत प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक न्याय के महानायकों के 10-10 स्मारकों और प्रतिमाओं का विकास एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इस पर कुल 403 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, कबीर, महात्मा ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि सहित अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं और स्मारकों का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत विकास होगा।

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