मिताली राज Mithali Raj

वर्ल्ड कप फाइनल के बाद मिताली राज ने संन्यास लेने का फैसला जानें क्यूं टाला?

1180 0

नई दिल्ली। भारत की एक दिवसीय क्रिकेट कप्तान मिताली राज ने आगामी विश्वकप को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान अगले साल विश्व कप जीतना है। इसी के साथ वह अपने करियर का सफलता के शिखर पर अंत करना चाहती हैं।

आईसीसी वर्ल्ड कप का आयोजन अगले वर्ष 2021 में होना है और मिताली लॉकडाउन के बीच भी और उससे पहले भी पूरी तरह उसपर ध्यान लगाकर अभ्यास करने में जुटी हुई हैं। मिताली के वर्ल्ड कप जीतना किसी भी चीज से ज्यादा अहम है।

जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘गुंजन सक्सेना’ का ट्रेलर रिलीज, देखें Video

2017 में संन्यास लेना चाहती थी मिताली

बता दें कि भारत दो बार विश्व कप जीतने के करीब पहुंचकर चूक गया है। मिताली की कप्तानी में भारत 2017 विश्व कप फाइनल में पहुंचा, लेकिन मेजबान इंग्लैंड से हार गया। इसके एक साल बाद वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई। इस साल हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भी भारत ने टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई, लेकिन चार बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को मात नहीं दे पाई। हालांकि अब मिताली टी20 से संन्यास ले चुकी हैं।

जुलाई में जीएसटी राजस्व संग्रह घटकर 87422 करोड़ रुपये पर आया

मिताली ने स्टार स्पोटर्स के एक तेलुगू कार्यक्रम में कहा कि 2013 में जब भारत में विश्व कप हुआ था, हम सुपर सिक्स में भी नहीं पहुंचे थे। मुझे बहुत दुख हुआ था। उन्होंने कहा कि मैने सोचा 2017 विश्व कप में कोशिश करते हैं। मैने विश्व कप के लिये बहुत मेहनत की। बतौर खिलाड़ी, कप्तान काफी होमवर्क किया। जब हम फाइनल में पहुंचे तो मैने सोचा कि फाइनल जीतकर मैं संन्यास ले लूंगी।

वर्ल्ड कप जितना है मिताली राज का आखिरी सपना!

उन्होंने कहा कि इतने साल खेलकर मैंने सब कुछ पाया सिवाय विश्व कप के। 2021 में मैं फिर कोशिश करूंगी। उम्मीद है कि सभी की शुभकामनाओं से इस बार हम जीत पायेंगे । 37 वर्ष की मिताली ने पिछले साल टी20 क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। उनका मानना है कि बीसीसीआई को पांच साल पहले महिला क्रिकेट को अपनी छत्रछाया में ले लेना चाहिये था।

उन्होंने कहा कि बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट को 2006- 07 में अपनी छत्रछाया में लिया। यह पांच साल पहले हुआ होता तो और बेहतर रहता। उस समय कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे, लेकिन पैसे के अभाव और खेल के मार्फत आर्थिक स्थिरता नहीं मिलने से उन्होंने दूसरा पेशा चुना।

Related Post

साहस को सलाम

साहस को सलाम : गर्भवती महिला स्वास्थ्यकर्मी कोरोना की जंग में बनीं मिसाल

Posted by - April 26, 2020 0
राजस्थान। राजस्थान की भूमि वैसे तो ​बलिदानियों का क्षेत्र कहा जाता है, आज कोरोना की जंग में कई वीरांगनाएं खुद…
Dron in pathankot

पंजाब : बॉर्डर पर दिखा ड्रोन, बीएसएफ जवानों की फायरिंग के बाद वापस लौटा पाकिस्तान

Posted by - March 14, 2021 0
पठानकोट। भारत-पाकिस्तान सीमा (Indo Pak Border) के पास ड्रोन देखा गया। बीएसएफ (BSF) कर्मियों ने ड्रोन को गिराने के लिए…
Naxalites Encounter

सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को किया ढेर

Posted by - January 9, 2025 0
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई जारी है। इस कड़ी में सुकमा जिले में सुरक्षाबलों और…
CM Bhajan Lal

राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर ‘राज्य स्तरीय विकास प्रदर्शनी’ का आयोजन

Posted by - December 15, 2024 0
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal) ने रविवार को राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर जवाहर कला…