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आखिरी चरण का मतदान जारी, शाम 4 बजे तक 68.46 फीसदी हुई वोटिंग

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कोलकाता। बंगाल (west bengal assembly election) में डेढ़ महीने बाद आज के बाद थम जाएगा चुनावी शोर। कुल 35 सीटों पर आज वोटिंग हो रही है। ये बंगाल चुनाव का आखिरी चरण हैं। इसके बाद दो मई को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव नतीजे आएंगे। वहीं उत्तर कोलकाता में हिंसा की खबरें हैं। इधर बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने अपनी पत्नी संग वोट डाला।

शाम चार बजे तक 68.46 फीसदी मतदान जारी

बंगाल में आखिरी चरण का मतदान लगातार जारी है। चुनाव आयोग के मुताबिक शाम 4 बजे तक 68.46 फीसदी वोटिंग हुई है।

बंगाल कांग्रेस के प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने डाला वोट

बंगाल कांग्रेस के प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने मुर्शीदाबाद के मतदानकेंद्र पर अपना वोट डाल दिया है।

नॉर्थ कोलकाता में टीएमसी समर्थकों ने भाजपा उम्मीदवार का किया घेराव

भाजपा के उम्मीदवार ने आरोप लगाया है कि हमारा पोलिंग एजेंट अंदर बैठा था, जब 31 साल की महिला की बजाय वोट डालने 50 साल की महिला आई। जब एजेंट ने इसके खिलाफ बोलना चाहा तो महिला चिल्लाने लगी। यही टीएमसी का गुंडाराज है।

दोपहर एक बजे तक 56.19 फीसदी मतदान

अंतिम चरण में विधानसभा की 35 सीटों के लिए मतदान जारी है और दोपहर एक बजे तक 56.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

ध्रुवीकरण पर टिकी भाजपा की नजर

भाजपा आठवें चरण में ध्रुवीकरण के सहारे मैदान में है। बीरभूम जिले से अनुसूचित जाति के वोटरों को लुभावने की कोशिश की जा रही है। वहीं मालदा और बीरभूम में भारतीय जनता पार्टी हिंदू वोटों को मजबूत करने में लगी रही। वहीं राजधानी कोलकाता में हिंदी भाषी के लोगों को भी अपने खेमे में लेने के लिए प्रयास किए गए।

क्या मुस्लिमों के सहारे हैं ममता बनर्जी?

ममता बनर्जी पूरी तरह से कोशिश कर रही हैं कि दूसरे जिलों की तरह मालदा और मुर्शिदाबाद के मुस्लिम भी उनका साथ दें और उनके समर्थन में वोट करें। यही वजह है कि ममता बनर्जी बार-बार इस बात को दोहरा रही हैं कि भाजपा को रोकने में टीएमसी अहम भूमिका निभाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार मुस्लिम मतदाता रणनीतिक तौर पर मतदान कर सकते हैं।

टीएमसी ने चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि हमने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा है। दरअसल, आयोग ने मतगणना अधिकारियों और उम्मीदवारों को कोरोना टेस्ट करने के निर्देश जारी किए लेकिन इस पर टीएमसी ने सवाल खड़े किए हैं। टीएमसी का कहना है कि पोलिंग एजेंट और केंद्रीय सुरक्षा बलों के लिए ऐसे कोई निर्देश नहीं थे।

अंतिम चरण का सियासी समीकरण

अंतिम चरण की 35 सीटों पर मुस्लिम वोटर्स काफी अहम माने जा रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद मुस्लिम मतदाताओं की पहली पसंद टीएमसी है, जिसके चलते उसे 19 सीटों पर बढ़त मिली। इसके अलावा 11 सीटों पर भाजपा और पांच सीटों पर कांग्रेस आगे रही। हालांकि मालदा और मुर्शिदाबाद दो ऐसे इलाके हैं, जहां मुस्लिम मतदाता टीएमसी से ज्यादा कांग्रेस को प्राथमिकता देते हैं। 35 सीटों में मुस्लिम आबादी 42 फीसदी है। अनुसूचित जातियों की आबादी 17 फीसदी है और अनुसूचित जनजातियों की आबादी तीन फीसदी है।

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