Arjun Gaur

‘कुछ भी’ शब्द एक पिंजरे की तरह, जो आपको अपने हिसाब से जीवन जीने से है रोकता : अर्जुन गौड़

1560 0

लखनऊ। हमारी जीवन शैली में अंजाने में ही कुछ भी शब्द का एक अहम स्थान बन चुका है। क्या आपने ने कभी सोंचा है कि कुछ भी शब्द का जीवन पर कितना असर पड़ता है।

उदाहरण के तौर पर जब भी आप अपने परिवार के साथ या अपने दोस्तों के साथ या प्रियजन के साथ एक रेस्टोरेंट में जाते हैं । इस दौरान जब कोई आपसे पूछता है कि आप क्या खाना चाहते हैं तो आप बस झट ही कह देते हो (कुछ भी)। इसी तरह यदि आप नौकरी की तलाश कर रहे हैं और जब कोई आपसे पूछता है कि आपकी नौकरी से क्या एक्सपेक्टेशन है तो आप तुरंत कहते हैं (कुछ भी)।

सीमैप किसान मेला 2021ः कोविड़-19 महामारी के समय औषधीय व सगंध पौधों की मांग बढ़ी

आपको बताया कि यदि आप एक छात्र हैं और आप लक्ष्यों के बारे में स्पष्ट नहीं हैं और जब कोई आपसे आपके लाइफ का उद्देश्य पूछता है तो आप बस बोल देते है कुछ भी मिल जाये। एक दिन में बहुत सारे पल होते हैं जब आप कहते हैं (कुछ भी)। अनजाने में ही आप कई बार अपना महत्वपूर्ण निर्णय भी (कुछ भी) के आधार पर ले लेते हैं।

http://lifezhonour.com/blog.php?id=24

यह बात इंटरनेशनल लाइफ कोच व लेखक अर्जुन गौड़ ने एक अपने ताजा आर्टिकिल लिखा है कि आपका प्रोफेशन कुछ भी के आधार पर नहीं होना चाहिए। आपके लक्ष्य कुछ भी के आधार पर तय नहीं होने चाहिए। आपका जुनून कभी भी नहीं होना चाहिए (कुछ भी)। एक बात बिल्कुल स्पष्ट है कि (कुछ भी) आपकी चुनौतियों का हल नहीं है। (कुछ भी) शब्द हर क्षण आपकी दूसरों पर आपकी निर्भरता दर्शाता है।

यह दिखाता है कि आप ज्यादा आश्वस्त नहीं हैं। (कुछ भी) शब्द यह दिखाता है की आप ज्यादा जिम्मेदारियां अपनी लाइफ मे नहीं लेना चाहते। इस शब्द का आपके द्वारा प्रयोग किया जाना यह दर्शाता है कि आप उस स्थिति से बचना चाहते हैं।

बता दें कि यदि आप वास्तव में अपने किसी भी अपनों के साथ भोजन करने के लिए इच्छुक हैं तो आप कभी नहीं कहेंगे (कुछ भी)। आप मेनू कार्ड से अपनी पसंदीदा डिश चुनेंगे और अपने पलों का आनंद लेंगे। एक मिनट के लिए आप ये सोचिये जब आप ये कहते है कुछ भी ठीक उसी समय आप वह सुन्दर और आनंद का वर्तमान समय खराब कर देते हैं। यह शब्द आपके अपनों के साथ आपकी कम दिलचस्पी दिखाते हुए आपके रिश्ते को खराब कर देता है ।

(कुछ भी) आपकी दोस्ती बिगाड़ सकता है। (कुछ भी) आपके सामाजिक संबंधों को खराब कर सकता है। यदि आप इस शब्द के साथ अपना जीवन चला रहे हैं (कुछ भी) और आपको अपनी इच्छा अनुसार रिजल्ट नहीं मिल रहा है, तो अंत में आपको अपने एक्सपेक्टेड परिणामों के साथ समझौता करना होगा ।

जरा सोचिये

आप इस शब्द के साथ एक समझौतापूर्ण जीवन जी रहे हैं । आप इस शब्द के साथ एक आश्रित जीवन जी रहे हैं। आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मतलब यह नहीं है कि आप स्वतंत्र जीवन जी रहे हैं। यदि आप अपना जीवन दूसरों की पसंद से चला रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप अभी भी अपनी लाइफ को एक पिंजरे में जी रहे हो। (कुछ भी) शब्द एक पिंजरे की तरह है जो अपने आप की सोच और जिंदगी को अपने हिसाब से जीने के लिए रोक रहा है।
लगातार (कुछ भी ) कहने से हमारी लाइफ एक पिंजरे मे ही रह जाती है और उस पिंजरे से बाहर आना अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है

इसलिए, कुछ भी शब्द का प्रयोग करने से अवॉयड करें और अपनी लाइफ को एक क्रिएटिव एंड इनोवेटिव लाइफ बनाये। क्या आपने यह शब्द (कुछ भी) का आज प्रयोग किया है? हो सकता है कि आपने इसे कुछ मिनट या घंटे पहले प्रयोग किया हो । बस 1 मिनट के लिए विश्लेषण करें। आप एक दिन में कितनी बार (कुछ भी) शब्द का प्रयोग करते है? हो सकता है आप कई बार इसका प्रयोग करते हों।

Related Post

Asaduddin Owais

बंगाल चुनाव 2021: ममता के गोत्र पर बोले ओवैसी, मेरा क्या जो शांडिल्य या जनेऊधारी नहीं ?

Posted by - March 31, 2021 0
कोलकाता। एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi)  ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के…
CM Bhajan Lal

राज्य सरकार साहिबजादों के नाम पर छात्रावास के लिए सिख समाज को आवंटित करेगी जमीन : मुख्यमंत्री भजनलाल

Posted by - December 26, 2024 0
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने गुरुवार को वीर बाल दिवस पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय…