keshav maurya
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) के नेतृत्व एवं सतत प्रयासों से प्रदेश के गाँव विकास और आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) एवं टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट (TPCDT) के मध्य राज्य मिशन कार्यालय, लखनऊ में महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को सशक्त बनाने तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका एवं उद्यमिता के अवसर विकसित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन, अपर मिशन निदेशक जयंत यादव, संयुक्त मिशन निदेशक चंद्रशेखर, राज्य परियोजना प्रबंधक आचार्य शेखर, मिशन मैनेजर नवीन शर्मा सहित उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के वरिष्ठ अधिकारी के साथ टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट की ओर से चेयरमैन एवं मुख्य मानव संसाधन, सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी अधिकारी हिमल तिवारी, मुख्य सामुदायिक प्रभाव (सीएसआर) पंकज सिंह, सुश्री गीतांजलि त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “विकसित भारत-2047” के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उत्तर प्रदेश को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री जी की सोच विकसित भारत की है। विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित उत्तर प्रदेश बनाना होगा और इसके लिए हम दिन-रात मेहनत करेंगे। गाँवों का विकास ही प्रदेश और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का सृजन, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना तथा स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करना है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार की आय बढ़ाना तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें “लखपति दीदी” के रूप में स्थापित करना है। प्रदेश सरकार का विश्वास है कि इस प्रकार की साझेदारियाँ ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगी, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर हुए समझौते के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) एवं क्लस्टर स्तरीय संघों (CLFs) की संस्थागत क्षमता को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। महिला उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण, उद्यमिता कौशल विकास, वित्तीय सशक्तिकरण, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में व्यापक कार्य किए जाएंगे।
इस साझेदारी के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मिलेट कैफे, एग्रो-प्रोसेसिंग आधारित इकाइयों तथा अन्य महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यम स्थापित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार एवं आय बढ़ाने के नए अवसर उपलब्ध होंगे तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा। साथ ही स्थानीय संसाधनों पर आधारित टिकाऊ एवं विस्तार योग्य ग्रामीण उद्यम मॉडल विकसित किए जाएंगे। यह साझेदारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के विशाल सामुदायिक नेटवर्क तथा टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट की विशेषज्ञता का प्रभावी समन्वय है। इससे महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को नई पहचान मिलेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा आत्मनिर्भर गाँव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को नई गति प्राप्त होगी।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन ने कहा कि मिशन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट के साथ यह साझेदारी महिला उद्यमिता को नई दिशा प्रदान करेगी तथा महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर उन्हें लखपति महिला उद्यमी बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन एवं मुख्य मानव संसाधन, सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी अधिकारी हिमल तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ यह सहयोग महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाने, स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा सतत ग्रामीण आजीविका के अवसर विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह साझेदारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति प्रदान करेगी।
