18 अक्टूबर, 2021 को राजॠषि श्रद्धेय पंडित नारायण दत्त तिवारी को याद करने के मायने…

582 0

“चरैवेति-चरैवेति-चरैवेति” यह मंत्र था- बप्पा दादाजी (Pandit Narayan Dutt Tiwari) का। देश की शीर्ष-अदालतों में हिन्दी एवम् अन्य भारतीय भाषाओं की प्रतिष्ठा हेतु ‘हिन्दी से न्याय ‘ इस देशव्यापी अभियान का वर्ष 2004 में केन्द्र बना तब का उत्तरांचल और अब का उत्तराखण्ड।

प्रेरक और प्रेरणा पुरुष थे -नाना ( नानाजी देशमुख) एवं पण्डित नारायण दत्त तिवारी। सपना जगाया देश के वरिष्ठतम एवं प्रख्यात सम्पादक अशोक पाण्डेय ने।

अशोक भैया उस समय उत्तराखण्ड में दैनिक-जागरण के सम्पादक थे, नैनीताल हाईकोर्ट में हिन्दी में कामकाज शुरू कराने हेतु न्यायिक भाषायी-स्वतन्त्रता का अभियान शुरू हो, इसके लिए कृत-प्रतिज्ञ श्रद्धेय तिवारी जी ने एक रास्ता तैयार किया, अतीव-आनन्द का विषय है कि आज यह अभियान अपने अंतिम-पड़ाव पर है, मामला केन्द्र-सरकार के पाले में है, 16 वीं लोकसभा में मामला संसद के पटल पर आ चुका है।

इसलिए भारत की सरकार मुद्दे से अनजान नहीं है। कांग्रेस के राष्ट्रीय-नेता हरीश रावत अभियान को अपना समर्थन प्रदान कर चुके हैं।

 

हम उम्मीद कर सकते है कि अगले बरस नैनीताल हाईकोर्ट हिन्दी में समस्त कामकाज निपटाने वाला देश का पहला व एकमात्र राज्य बन जायगा।

 

श्रद्धेय पण्डित नारायण दत्त तिवारी जहां भी होंगे, उत्तराखण्ड की नयी-सरकार को शुभकामनाएं एवं शुभाशीष प्रदान कर रहे होंगे, उनके इस अनुष्ठान की जय हो-विजय हो, आइये, आज के दिन हम परमप्रभु से यह प्रार्थना करें।

 

Related Post

CM Bhajan Lal Sharma

कांग्रेस ने देश के मालिकों को भिखारी बना दिया, पेपर लीक को लेकर निशाना साधा: सीएम भजनलाल

Posted by - November 10, 2024 0
झुंझुनू। राजस्थान की 7 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव में प्रचार के दौरान नेता एक-दूसरे पर जमकर सियासी हमले…

पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रधान बनते ही सिद्धू ने आलाकमान को कहा शुक्रिया

Posted by - July 19, 2021 0
पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रधान नवजोत सिद्धू ने सोमवार को पार्टी हाईकमान का धन्यवाद किया और अपने अपने पिता को…