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सुनंदा पुष्कर मौत मामला: शशि थरूर पर आरोप तय करने को लेकर आदेश सुरक्षित, अब 29 अप्रैल को फैसला

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए और 306 के तहत आरोप लगाए गए हैं, लेकिन मामले में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था।

सुनंदा पुष्कर (Shashi Tharoor)  मौत मामले में शशि थरूर (Shashi Tharoor) पर आरोप तय करने को लेकर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है और 29 अप्रैल को फैसला सुनाया जाएगा। अभियोजन पक्ष ने आईपीसी की धारा 306 और 498-ए के तहत आत्महत्या और क्रूरता के लिए उत्पीड़न के आरोप लगाया है। पिछली सुनवाई में शशि थरूर के वकील ने कोर्ट से कहा था कि उन्हें मामले में बरी किया जाना चाहिए, क्योंकि विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न जांच की गई है, लेकिन उन्होंने ‘मौत के कारण पर कोई निश्चित राय’ नहीं दी है।

थरूर (Shashi Tharoor) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने थरूर को बरी किए जाने का अनुरोध करते हुए अदालत से कहा था कि उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं 498ए या 306 के तहत दंडनीय अपराध साबित करने के लिए कोई भी सबूत नहीं है। पाहवा ने कहा था कि उनकी (सुनंदा) मौत को आकस्मिक माना जाना चाहिए।

परिवार ने कहा, आत्महत्या नहीं कर सकती थीं सुनंदाः थरूर

कोर्ट में 26 मार्च को हुई सुनवाई में शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने कोर्ट के सामने दावा किया था कि उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर के परिवार और मित्रों का अभी भी कहना है कि वह आत्महत्या नहीं कर सकती थीं। थरूर (Shashi Tharoor)  की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पहवा ने कहा था कि अगर उन्होंने आत्महत्या नहीं की है तो फिर आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई मामला नहीं बनता है, ऐसे में मुकदमे का निपटारा कर देना चाहिए। यह दलीलें विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल की अदालत में आरोप तय करने के लिए हो रही बहस के दौरान दी गईं थीं।

पहवा ने कहा था कि अभियोजन यह साबित करने में असफल रहा है कि यह आत्महत्या का मामला है। इससे पहले उन्होंने पहले कहा था कि पोस्टमॉर्टम और अन्य मेडिकल रिकॉर्ड से पहले ही तय हो चुका है कि यह आत्महत्या या हत्या का मामला नहीं है। किसी भी गवाह ने उनके (थरूर) खिलाफ दहेज, प्रताड़ना या क्रूरता का आरोप नहीं लगाया है।

17 जनवरी 2014 को होटल में मृत पाई गई थीं सुनंदा पुष्कर

थरूर (Shashi Tharoor) पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए और 306 के तहत आरोप लगाए गए हैं, लेकिन मामले में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था। उन्हें 5 जुलाई, 2018 को जमानत दी गई थी। सुनंदा पुष्कर (Sunanda Pushkar) 17 जनवरी 2014 की रात को शहर के एक होटल में मृत पाई गई थीं। थरूर दंपति उस दौरान होटल में रह रहा था क्योंकि उनके सरकारी बंगले में मरम्मत का काम चल रहा था।

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