सोनिया गांधी ने बैठक के बाद लालू यादव से फोन पर की बात  

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नई दिल्लीबिहार उपचुनाव में गठबंधन को लेकर चल रही कलह के बीच कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव से फोन पर बात की। जानकारी के मुताबिक, सोनिया गांधी ने कांग्रेस महासचिवों, राज्य प्रभारियों और कांग्रेस कार्य समिति के अध्यक्षों की बैठक के बाद आरजेडी सुप्रीमो को फोन किया। सोनिया गांधी से लालू प्रसाद की इस बात को हाल के दिनों में हुई तल्खी के बीच काफी अहम माना जा रहा है।

इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के महासचिव और राज्य प्रभारियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में सोनिया गांधी ने पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में राज्य स्तर के नेताओं के बीच नीतिगत मुद्दों पर स्पष्टता एवं समन्वय का अभाव दिखता है। साथ ही इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति तैयार की गई।

इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि देश में व्यापक सदस्यता अभियान चलाने के साथ ही ‘भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से तैयार किए गए माहौल’ के खिलाफ प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिये ‘वैचारिक युद्ध’ छेड़ा जाएगा तथा भाईचारे को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

 सोनिया गांधी ने पार्टी को दिए मूल मंत्र

मंगलवार को हुई बैठक में सोनिया गांधी ने आगामी विधानसभा चुनावों में जीत के लिए पार्टी को तीन मूलमंत्र दिए। इसमें सबसे प्रमुख था संगठन को मजबूत करना। इसके साथ उन्‍होंने यह भी उजागर कर दिया कि संगठन की ताकत जो पहले हुआ करती थी वो अब नहीं रही है। दूसरा उन्होंने सभी नेताओं को दोबारा से आम लोगों से जुड़ने का सख्‍त संदेश दिया। इसमें उन्‍होंने ये भी साफ कर दिया कि यदि पार्टी को जिताना है तो अपने निजी स्‍वार्थ से ऊपर उठना होगा। उनका तीसरा मंत्र पार्टी के नए सदस्‍यों को शामिल करना था।

गौरतलब है कि कि बिहार में दो सीटों पर हो रहे उपचुनाव को लेकर महागठबंधन के दो पूर्व सहयोगियों राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस के बीच कड़वाहट बढ़ती जा रही है। आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने कांग्रेस को दो सीटों में से एक भी न देने का कारण बताया था साथ ही पार्टी के प्रदेश प्रभारी को भी भकचोन्हर जैसे शब्दों से संबोधित किया था।

लालू ने इसके बाद हाल में हुए तकरार के लिए कांग्रेस के ‘छुटभैए’ नेताओं को जिम्मेवार ठहराया। उन्होंने दावा किया है कि किसी ने भी कांग्रेस की उतनी मदद नहीं की है, जितनी हमने (आरजेडी) ने की है। लगभग तीन साल बाद बिहार लौटे लालू यादव ने मंगलवार को कहा था कि वो आज भी कांग्रेस को राष्ट्रीय विकल्प के रूप में मानते हैं जिसकी देश को जरूरत है। इससे पहले आरजेडी द्वारा बिहार की दो सीटें तारापुर और कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने के बाद कांग्रेस ने अगले लोकसभा चुनाव में बिहार में अकेले मैदान में उतरने की घोषणा की थी।

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन पर लालू यादव ने कहा था कि अगर वे राज्य में कांग्रेस के साथ गठबंधन में रहते हैं तो उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव में अपनी जमानत जब्त करवानी पड़ जाएगी। वहीं, इससे पहले बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस से मुंह मोड़कर राजद भाजपा की मदद कर रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लालू यादव ने दास को बेवकूफ कह दिया था। लालू के इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया था और कांग्रेस ने इसकी काफी निंदा भी की थी।

बिहार में 30 अक्टूबर को होने है उपचुनाव

राजद ने दो सीटों पर चुनाव लड़ने के अपने फैसले की घोषणा कर दी है, जिसके बाद कांग्रेस ने भी दो सीटों के लिए अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। इस कारण राज्य में सहयोगी दलों के बीच दरार पैदा हो गई है। बता दें कि बिहार में 30 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। जिसके लिए कुशेश्वर अस्थान और तारापुर दोनों जगहों से आरजेडी ने अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।

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