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कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, तो शेयर बाजार में सेंसेक्स-निफ्टी हुए धड़ाम

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नई दिल्ली।  कोरोना के बढ़ते मामलों से शेयर बाजार भी बीमार पड़ गया है। आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में भारी गिरावट आई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 870.51 अंक यानी 1.74 फीसदी नीचे 49159.32 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Share Market Sensex And Nifty)  229.55 अंक यानी 1.54 फीसदी की गिरावट के साथ 14637.80 के स्तर पर बंद हुआ। बीते वित्त वर्ष में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 20,040.66 अंक या 68 फीसदी चढ़ा। कम कारोबारी सत्र वाले बीते सप्ताह में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,021.33 अंक या दो फीसदी चढ़ा था।

  • देश में कोरोना की दूसरी लहर बेहद घातक होती जा रही है। ऐसे में निवेशक भी चिंतित हैं।
  • आज सेंसेक्स 870.51 अंक यानी 1.74 फीसदी नीचे 49159.32 के स्तर पर बंद हुआ।
  • मेटल और आईटी के अतिरिक्त सभी सेक्टर्स लाल निशान पर बंद हुए। 

कोरोना ने बढ़ाई चिंता

देश में कोरोना की दूसरी लहर बेहद घातक होती जा रही है। देश में कोरोना वायरस के दस्तक देने के बाद से पहली बार सोमवार को एक दिन में मिले कोरोना संक्रमितों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है। देश में बीते 24 घंटे में 1,03,558 नए कोरोना मरीज मिले हैं और 478 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है।इससे पहले, 17 सितंबर, 2020 को देश में सर्वाधिक 97,894 कोरोना के नए मरीज मिले थे, जो देश में एक दिन में मिलने मरीजों की संख्या सबसे अधिक थी।

वैश्विक बाजारों का हाल

अमेरिका का डाउ जोंस इंडेक्स 171 अंकों की बढ़त के साथ 33,153 पर बंद हुआ था। नैस्डैक इंडेक्स 233 अंक बढ़कर 13,480 पर बंद हुआ था। जापान का निक्केई इंडेक्स 267 अंक चढ़कर 30,121 पर कारोबार कर रहा है। कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में चार अकों की मामूली गिरावट है, इंडेक्स 3,109 पर कारोबार कर रहा है। ईस्टर के चलते ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाजार सोमवार को बंद हैं। टॉम्ब स्विपिंग डे के चलते चीन और हांगकांग के शेयर बाजार बंद हैं।

इस सप्ताह इन कारकों से तय होगी बाजार की दिशा

शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा, वृहद आर्थिक आंकड़ों, कोविड-19 संक्रमण के रुख और वैश्विक संकेतों से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों ने कहा कि कंपनियों के तिमाही नतीजों का सत्र अप्रैल मध्य से शुरू होगा। ऐसे में इससे पहले बाजार में कुछ एकीकरण देखने को मिल सकता है। इसके अलावा इस सप्ताह विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े आने हैं। इससे भी बाजार की धारणा पर असर होगा।

ऐसा रहा दिग्गज शेयरों का हाल

दिग्गज शेयरों की बात करें, तो आज टीसीएस, एचसीएल टेक, विप्रो, ब्रिटानिया और इंफोसिस के शेयर हरे निशान पर बंद हुए। वहीं इंडसइंड बैंक, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, इचर मोटर्स और एम एंड एम के शेयर लाल निशान पर बंद हुए।

सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर

सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें, तो आज मेटल और आईटी के अतिरिक्त सभी सेक्टर्स लाल निशान पर बंद हुए। इनमें पीएसयू बैंक, फार्मा, रियल्टी, मीडिया, ऑटो, फाइनेंस सर्विसेज, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और बैंक शामिल हैं।

लाल निशान पर खुला था बाजार

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 305.03 अंकों (0.61 फीसदी) की नीचे के साथ 49724.80 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 82 अंक यानी 0.55 फीसदी की गिरावट के साथ 14785.40 के स्तर पर खुला था। 688 शेयरों में तेजी आई थी, 719 शेयरों में गिरावट आई, वहीं 107 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुआ था शेयर बाजार 

वित्त वर्ष 2020-21 के पहले कारोबारी दिन यानी गुरुवार को शेयर बाजार में बढ़त आई थी। सेंसेक्स 520.68 अंक यानी 1.05 फीसदी ऊपर 50029.83 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 176.65 अंक यानी 1.20 फीसदी की बढ़त के साथ 14867.35 के स्तर पर बंद हुआ था। शुक्रवार को गुड फ्राइडे के उपलक्ष्य पर बाजार बंद था।

मार्च में म्यूचुअल फंड इकाइयों ने शेयरों में डाले इतने पैसे

म्यूचुअल फंड कंपनियों ने मार्च में शेयरों में 2,476 करोड़ रुपये डाले हैं। इस तरह 10 माह में पहली बार म्यूचुअल फंड द्वारा शेयरों में शुद्ध निवेश किया गया है। शेयर बाजारों में एकीकरण की वजह से कोष प्रबंधकों को निवेश का अवसर मिला है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के अनुसार मार्च से पहले जून, 2020 से म्यूचुअल फंड शेयरों से लगातार निकासी कर रहे थे। इससे पहले फरवरी में म्यूचुअल फंड ने शेयरों से 16,306 करोड़ रुपये तथा जनवरी में 13,032 करोड़ रुपये की निकासी की थी। दिसंबर में उन्होंने शेयरों से 26,428 करोड़ रुपये, नवंबर में 30,760 करोड़ रुपये, अक्तूबर में 14,492 करोड़ रुपये, सितंबर में 4,134 करोड़ रुपये, अगस्त में 9,213 करोड़ रुपये, जुलाई में 9,195 करोड़ रुपये और जून में 612 करोड़ रुपये निकाले थे।

एफपीआई ने डाले 17,304 करोड़ रुपये 

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का भारतीय बाजारों में निवेश का सिलसिला मार्च में लगातार तीसरे महीने जारी रहा। मार्च में एफपीआई ने भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 17,304 करोड़ रुपये का निवेश किया। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार एफपीआई ने एक से 31 मार्च के दौरान शेयरों में 10,482 करोड़ रुपये और ऋण या बांड बाजार में 6,822 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस तरह उनका शुद्ध निवेश 17,304 करोड़ रुपये रहा। इससे पहले एफपीआई ने फरवरी में भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 23,663 करोड़ रुपये और जनवरी में 14,649 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

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