RANDEEP SURJEWALA

कांग्रेस का सवाल-साठ हजार करोड़ की राफेल डील में किसे दिए गए करोड़ों के ‘गिफ्ट’?

892 0

नई दिल्ली। फ्रांस के पब्लिकेशन मीडियापार्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि 2016 में जब भारत और फ्रांस में राफेल लड़ाकू विमान को लेकर डील हुई थी, तब फ्रांस की दसॉ एविएशन ने भारत में एक बिचौलिये को 1.1 मिलियन यूरो दिए थे। इसके बाद कांग्रेस हमलावर हो गई है।

भारत-फ्रांस के बीच हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर एक बार फिर कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है। दरअसल, फ्रांस के पब्लिकेशन मीडियापार्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि 2016 में जब भारत और फ्रांस में राफेल लड़ाकू विमान को लेकर डील हुई थी, तब फ्रांस की दसॉ एविएशन ने भारत में एक बिचौलिये को 1.1 मिलियन यूरो दिए थे। इसके बाद कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल पूछा है कि 60 हजार करोड़ रुपए की राफेल डील में 1.1 मिलियन यूरो के गिफ्ट किसे दिए गए?

 

राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप, दसॉल्ट ने भारतीय बिचौलिये को दिए करोड़ों रुपये

फ्रांस के पब्लिकेशन मीडियापार्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत-फ्रांस के बीच राफेल डील को लेकर दसॉ एविएशन ने भारत में एक बिचौलिये को 1.1 मिलियन यूरो दिए थे। ये खुलासा तब हुआ जब फ्रांस की एंटी करप्शन एजेंसी ने दसॉ के खातों का ऑडिट किया।रिपोर्ट में दावा है कि साल 2017 में दसॉ ग्रुप के अकाउंट से 508925 यूरो ‘गिफ्ट टू क्लाइंट्स’ के तौर पर ट्रांसफर हुए थे।

इसे Gift to Clients क्यों कहा गया?

रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “इस पूरे लेन-देन को Gift to Clients की संज्ञा दी गई। अगर ये मॉडल बनाने के पैसे थे, तो इसे Gift to Clients क्यों कहा गया? क्या ये छिपे हुए ट्रांजेक्शन का हिस्सा था। ये पैसे जिस कंपनी को दिए गए, वो मॉडल बनाती ही नहीं हैं।” उन्होंने कहा, “60 हजार करोड़ रुपए के राफेल रक्षा सौदे से जुड़े मामले में सच्चाई सामने आ गई है। ये हम नहीं फ्रांस की एक एजेंसी ने खुलासा किया है।”

कांग्रेस ने पूछे 5 सवाल

  1. पहलाः 1.1 मिलियन यूरो के जो क्लाइंट गिफ्ट दसॉ के ऑडिट में दिखा रहा है, क्या वो राफेल डील के लिए बिचौलिये को कमीशन के तौर पर दिए गए थे?
  2. दूसराः जब दो देशों की सरकारों के बीच रक्षा समझौता हो रहा है, तो कैसे किसी बिचौलिये को इसमें शामिल किया जा सकता है?
  3. तीसराः क्या इस सबसे राफेल डील पर सवाल नहीं खड़े हो गए हैं?
  4. चौथाः क्या इस पूरे मामले की जांच नहीं की जानी चाहिए, ताकि पता चल सके कि डील के लिए किसको और कितने रूपए दी गए?
  5. पांचवा: क्या प्रधानमंत्री इस पर जवाब देंगे?

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, फ्रांस की पब्लिकेशन मीडियापार्ट ने एक रिपोर्ट छापी है। इस रिपोर्ट में दावा किया है कि दसॉ एविएशन ने राफेल डील के लिए भारत में एक बिचौलिये को 1.1 मिलियन यूरो (करीब 10 करोड़ रुपए) दिए थे। इसके अलावा दसॉ के 2017 में ऑडिट में 5,08,925 यूरो को Gift to Clients के तौर पर दिखाया गया है। फ्रांस की एंटी करप्शन एजेंसी के सवाल पर दसॉ ने बताया था कि उसने राफेल विमान के 50 मॉडल एक भारतीय कंपनी से बनवाए। इसके लिए एक मॉडल पर 20,000 यूरो दिए गए। हालांकि, यह मॉडल कहां और कैसे इस्तेमाल किए गए इसका कोई प्रमाण नहीं दिया गया. बता दें कि फ्रांस के साथ 2016 में 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए डील हुई थी। अब तक भारत को 14 राफेल मिल चुके हैं।

बीजापुर हमले पर शाह को घेरा

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले को लेकर सुरजेवाला ने गृहमंत्री अमित शाह को घेरा। उन्होंने कहा जब से अमित शाह गृहमंत्री बने हैं, तब से 5,213 नक्सली घटना हो चुकी हैं और 1,416 पैरामिलिट्री के जवान शहीद हो चुके हैं।

सुरजेवाला ने कहा, “3 अप्रैल दिन में 11 बजे ये घटना हुई, देश के गृह मंत्री ने 24 घंटे तक कोई रिस्पॉन्स ही नहीं किया। जब हमारे जवान नक्सालियों से लोहा ले रहे थे तो हमारे गृह मंत्री तमिलनाडु में एक एक्ट्रेस के साथ रोड शो कर रहे थे। तमिलनाडु से केरल गए और उसके बाद असम गए वहां रैली की। देश का गृह मंत्री क्या अपने कर्तव्य के प्रति इतना लापरवाह हो सकता है।” सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि हमले के 24 घंटे बाद तक गृहमंत्री जलसे करते रहे। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे व्यक्ति को गृहमंत्री बने रहने का अधिकार है?

Related Post

Disadvantaged communities are becoming a new force in the rural economy.

मुसहर, वनटांगिया, बुक्सा और बावरिया बने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई ताकत

Posted by - January 28, 2026 0
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वंचित समुदाय (Communities) जिन्हें कल तक बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था, आज…