Mann Ki Baat

मन की बात कार्यक्रम में बोले प्रधानमंत्री

683 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल को जीवन के साथ ही आस्था का प्रतीक और विकास की धारा करार देते हुए रविवार को देशवासियों से इसका संरक्षण करने का आह्वान किया।
आकाशवाणी के   मन की बात   कार्यक्रम की 74वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए केंद्र सरकार इस साल   विश्व जल दिवस   से 100 दिनों का अभियान भी शुरू करेगी। मोदी ने कहा कि दुनिया के हर समाज में नदी के साथ जुड़ी हुई कोई-न-कोई परम्परा होती ही है और नदी तट पर अनेक सभ्यताएं भी विकसित हुई हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति क्योंकि हजारों वर्ष पुरानी है इसलिए इसका विस्तार देश में और ज्यादा मिलता है।  उन्होंने कहा,  भारत में कोई ऐसा दिन नहीं होगा जब देश के किसी-न-किसी कोने में पानी से जुड़ा कोई उत्सव न हो। माघ के दिनों में तो लोग अपना घर-परिवार, सुख-सुविधा छोड़कर पूरे महीने नदियों के किनारे कल्पवास करने जाते हैं। इस बार हरिद्वार में कुंभ भी हो रहा है। जल हमारे लिये जीवन भी है, आस्था भी है और विकास की धारा भी है।

राजनीति के चलते देशभर में कांग्रेस का अवसान : अमित शाह

पानी को पारस से भी ज्यादा महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पारस के स्पर्श से लोहा, सोने में परिवर्तित हो जाता है वैसे ही पानी का स्पर्श जीवन और विकास के लिये जरुरी है।
उन्होंने कहा,   पानी के संरक्षण के लिये, हमें, अभी से ही प्रयास शुरू कर देने चाहिए।   आगामी 22 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व जल दिवस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण सिफ सरकार की नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे देश के नागरिकों को समझना होगा।

उन्होंने अपने आसपास के जलस्त्रोतों की सफाई के लिये और वर्षा जल के संचयन के लिये देशवासियों से 100 दिन का कोई अभियान शुरू कने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा,   इसी सोच के साथ अब से कुछ दिन बाद जल शक्ति मंत्रालय द्वारा भी जल शक्ति अभियान-  कैच द् रैन  भी शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का मूल मन्त्र है पानी जब भी और जहां भी गिरे उसे बचाएं।

उन्होंने कहा,  हम अभी से जुटेंगे और पहले से तैयार जल संचयन के तंत्र को दुरुस्त करवा लेंगे तथा गांवों में, तालाबों में, पोखरों की सफाई करवा लेंगे, जलस्त्रोतों तक जा रहे पानी के रास्ते की रुकावटें दूर कर लेंगे तो ज्यादा से ज्यादा वर्षा जल का संचयन कर पायेंगे।

प्रधानमंत्री ने संत रविदास जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी और कहा कि आज भी उनके ज्ञान, हमारा पथप्रदर्शन करता है
उन्होंने कहा,  हमारे युवाओं को एक और बात संत रविदास जी से जरूर सीखनी चाहिए। युवाओं को कोई भी काम करने के लिये, खुद को पुराने तौर तरीकों में बांधना नहीं चाहिए। आप, अपने जीवन को खुद ही तय करिए।

Related Post

CM Dhami

उत्तरांचल प्रेस क्लब की नव निर्वाचित कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

Posted by - December 31, 2024 0
देहारादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब की नव निर्वाचित कार्यकारिणी के सदस्यों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) से…
CM Yogi

आज दुनियाभर के पर्यटकों को लुभा रहा यूपी : योगी आदित्यनाथ

Posted by - September 27, 2024 0
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism Day) पर प्रदेशवासियों को अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने…
AK Sharma

एके शर्मा ने नगरों को वैश्विक नगर बनाने के लिए पूरी सर्तकता के साथ कार्य करने के दिए निर्देश

Posted by - February 1, 2023 0
लखनऊ। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (AK Sharma)  ने ‘सम्भव’ (SAMBHAV) की व्यवस्था के तहत राज्यव्यापी जनसुनवाई…
inflation

Flashback 2019: तीन साल के उच्चतम स्तर पर खुदरा महंगाई, औद्योगिक उत्पादन में गिरावट

Posted by - December 12, 2019 0
नई दिल्ली। केंद्र सरकार को अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर दोहरा झटका लगा है। जहां एक तरफ मुद्रास्फीति बढ़ी है। तो…