digital payment

डिजिटल माध्यम से भुगतान अनिवार्य, नहीं तो प्रतिदिन लगेगा 5000 रुपये जुर्माना

828 0

नई दिल्ली। एक फरवरी, 2020 से सभी तरह के कारोबारियों पर नया नियम लागू होने जा रहा है, जिसके तहत डिजिटल माध्यमों से पेमेंट न स्वीकारने पर उनको पांच हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना देना होगा। हालांकि यह नियम फिलहाल 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का टर्नओवर करने वाले व्यापारियों पर लागू होगा। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

कारोबारियों को रूपे कार्ड, डेबिट कार्ड, भीम एप सहित अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों से पेमेंट को करना होगा स्वीकार 

कारोबारियों को रूपे कार्ड, डेबिट कार्ड, भीम एप सहित अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों से पेमेंट को स्वीकार करना होगा। इसके अलावा मंत्रालय की तरफ से जिन पेमेंट मोड का सुझाव दिया गया है। वे हैं रूपे पॉवर्ड डेबिट कार्ड, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस क्विक रिस्पॉन्स कोड। इस नोटिफिकेशन में भीम यूपीआई और क्विक रिस्पॉन्स कोड को इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जा गया है।

नए साल पर झटका: घरेलू रसोई गैस सिलिंडर 19 रुपये महंगा, जानें नई कीमत 

डिफॉल्ट करने पर प्रतिदिन 5000 रुपये लगेगा जुर्माना

हालांकि यह नियम 2020 के पहले दिन से ही लागू होना है, लेकिन कंपनियों को जरूरी तैयारी करने के लिए एक माह का समय दिया जा रहा है। एक महीने बाद यानी एक फरवरी से इस नियम की अवहेलना करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की राशि 5000 रुपये प्रतिदिन तय की गई है।

यह नियम आयकर नियम, 2019 के तहत बनाया गया है। इसका लक्ष्य है डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देना और एनपीसीआई के पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम को सपोर्ट करना। वित्त मंत्रालय की तरफ जारी किए गए आधिकारिक बयान में यह भी कहा गया है कि इस सेक्शन के तहत पेमेंट करने वाले व्यक्ति से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।

Related Post

Budget session of Parliament

हड़ताल पर केंद्र व ट्रेड यूनियन आमने-सामने, सरकार बोली-नतीजा भुगतने को तैयार रहें कर्मचारी

Posted by - January 7, 2020 0
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी है। सरकार ने कहा कि यदि वे आठ जनवरी…
corona cases in india

यूपी में कोरोना के 103 नये मामले, तीन और की मौत लखनऊ में 17 मिले संक्रमित,

Posted by - February 14, 2021 0
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब सोमवार के साथ ही मंगलवार को भी फ्रंट लाइन वर्कर्स का वैक्सीनशन होगा। अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने रविवार को बताया कि अब तक 8.9 लाख स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन कर्मियों को कोविड वैक्सीनेशन लगाने का काम किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों के बाद फ्रंट लाइन कर्मियों को टीके लगाये जा रहे हैं। इसी क्रम में 15 और 16 फरवरी को वैक्सीन के लिए चिन्हित लोगों को दो दिन पहले ही सूचित करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिये गये हैं, जिससे कि संबंधित कर्मी समय से पहुंचकर वैक्सीन की डोज लगवा सके। इसी बीच प्रदेश में रविवार को कोरोना के 103 नये मामले सामने आये हैं, जबकि तीन और की मौत हो गयी है। इसी तरह राजधानी लखनऊ में भी 17 और पीड़ित मिले हैं और एक मरीज की मौत हो गयी है। मौजूदा समय में प्रदेश में संक्रमण अब स्थिति लगभग पूरी तरह से नियंत्रण में है। जहां एक तरफ रोज होने वाली मौतों की संख्या में भरी कमी हुई है, वहीँ दूसरी तरफ एक्टिव केसेस का नंबर भी कम हो रहा है। वैसे प्रदेश में अब तक कुल 6,02,190 संक्रमित मिल चुके हैं। इसके साथ ही मरने वालों का आंकड़ा भी अब बढ़ कर 8,702 हो गया है। रविवार को मरने वालों में लखनऊ के अलावा मेरठ और लखीमपुर खीरी के 1-1 मरीज शामिल हैं। अपर मुख्य सचिव ने लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को बात करते हुए बताया कि प्रदेश में कोविड से रिकवरी का प्रतिशत अब 98 फीसदी से ज्यादा हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 156 और अब तक 5,90,448 लोग कोविड-19 से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। प्रदेश में सर्विलांस टीम के माध्यम से 1,85,179 क्षेत्रों में 5,11,270 टीम दिवस के माध्यम से 3,14,57,411 घरों के 15,27,66,050 जनसंख्या का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शनिवार को एक दिन में कुल 1,21,440 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 2,95,61,480 सैम्पल की जांच की गयी है। सहगल ने बताया कि प्रदेश में सर्विलांस का नया प्रयोग कर हर परिवार तक पहुंच कर उनका हालचाल लेते हुए कोविड संक्रमण की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 2.95 करोड़ से ज्यादा कोविड के टेस्ट और 15.27 करोड़ से ज्यादा व्यक्तियों से संपर्क कर कोविड संक्रमण की जानकारी ली गयी है। प्रदेश में कोरोना का संक्रमण कम हुआ है। मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रदेश सरकार के कोविड संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण की कार्ययोजना कारगर सिद्ध हो रही है। प्रदेश में सर्विलांस, कांट्रैक्ट कांटेक्ट व एग्रेसिव टेस्टिंग से कोविड नियंत्रण में सफलता मिली है।